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सौर सुजला योजना: सिंचाई की बाधा दूर, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती

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OM Darpan

Nov 13, 2025 10:39 am 258 views
सौर सुजला योजना: सिंचाई की बाधा दूर, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती

  • सूर्य ऊर्जा आधारित पंपों से बिजली पर निर्भरता खत्म 
  • सरगुजा में 8800 से अधिक किसान लाभान्वित, द्विफसली खेती का रकबा बढ़ा
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की सौर सुजला योजना खेती में ऊर्जा की बाधाओं को दूर कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रही है। सूर्य ऊर्जा आधारित सिंचाई पंपों की स्थापना से किसानों को निर्बाध सिंचाई सुविधा मिल रही है, जिससे न केवल खेती का रकबा बढ़ा है, बल्कि किसानों की आमदनी में भी लगातार वृद्धि हो रही है। योजना के चलते किसानों की बिजली पर निर्भरता समाप्त हुई है, कृषि लागत घटी है और उत्पादन क्षमता में बढ़ोत्तरी हुई है।

सरगुजा में 8893 किसान लाभान्वित

वर्ष 2016-17 से प्रारंभ इस योजना के अंतर्गत अकेले सरगुजा जिले में अब तक 8893 किसानों को सौर पंपों का लाभ प्राप्त हुआ है। उप संचालक कृषि पीताम्बर सिंह दीवान ने बताया कि सौर पंप मिलने से किसानों के लिए वर्षभर सिंचाई संभव हो पाई है। इससे जिले में द्विफसली और बहुफसली खेती का दायरा बढ़ा है, जो पहले सिंचाई के अभाव में संभव नहीं था।

क्या है आवेदन प्रक्रिया

सौर सुजला योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास कम से कम 1 एकड़ भूमि होना आवश्यक है। इच्छुक किसान अपने क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन के लिए बी-1, खसरा, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, दो पासपोर्ट फोटो, जल स्त्रोत का फोटो, सरपंच का अनापत्ति प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र (वर्गवार अंशदान हेतु) जमा कराना होता है।

पंपों पर निर्धारित अंशदान

योजना के तहत किसानों को 2 एचपी, 3 एचपी और 5 एचपी क्षमता के सौर पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिन पर वर्गवार अंशदान (सब्सिडी उपरांत किसान का हिस्सा) निर्धारित है।
  • 2 एचपी पंप: अनुसूचित जनजाति/जाति हेतु 5000 रु, अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु 9000 रु, और सामान्य वर्ग हेतु 16000 रु।
  • 3 एचपी पंप: अनुसूचित जनजाति/जाति हेतु 7000 रु, अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु 12000 रु, और सामान्य वर्ग हेतु 18000 रु।
  • 5 एचपी पंप: अनुसूचित जनजाति/जाति हेतु 10000 रु, अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु 15000 रु, और सामान्य वर्ग हेतु 20000 रु।
इन सभी पंपों के लिए 4800 रुपए का प्रोसेसिंग शुल्क अतिरिक्त देय है।

बदली खेती, बढ़ी आमदनी

लखनपुर विकासखण्ड के ग्राम ईरगंवा निवासी कृषक लबेद सिंह ने बताया कि पहले वे अपनी 2.665 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई के अभाव में केवल धान की खेती कर पाते थे। लेकिन सौर पंप लगवाने के बाद अब वे धान के साथ दलहन, तिलहन, सब्जियां, फलदार वृक्ष और फूलों की खेती भी सफलतापूर्वक कर रहे हैं। सिंह के अनुसार, उन्होंने इसके साथ ही मछली पालन भी शुरू किया है, जिससे उनकी आय में अतिरिक्त वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सौर सुजला योजना से उनका कृषि व्यवसाय मजबूत हुआ है। सौर सुजला योजना की प्रगति से सरगुजा सहित प्रदेश के अन्य जिलों में भी कृषि उत्पादन, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है।

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