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75 साल की उम्र में परशुराम गुप्ता ने पीएम किसान निधि की राशि से शुरू किया डेयरी फार्म, अब हर महीने 100 लीटर दूध की बिक्री
✍️ विशेष संवाददाता
रायगढ़ | प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए केवल आर्थिक संबल ही नहीं, बल्कि आजीविका की नई राह खोलने का जरिया भी बन रही है। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के ग्राम महापल्ली निवासी 75 वर्षीय किसान परशुराम गुप्ता ने इस योजना का लाभ उठाकर एक ऐसी सफलता की कहानी लिखी है, जो आज प्रदेश के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन गई है। उन्होंने योजना के तहत मिलने वाली राशि को बचाकर गौ-पालन का व्यवसाय शुरू किया और आज वे इसे सफलतापूर्वक संचालित कर रहे हैं।
10 हजार की पूंजी से की गौ-पालन की शुरुआत
वर्ष 2020 में परशुराम गुप्ता ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के जरिए मिलने वाली दो-दो हजार रुपये की किस्तों को सहेज कर करीब 10 हजार रुपये की पूंजी इकट्ठा की थी। इसी राशि से उन्होंने अपनी पहली गाय खरीदी और गौ-पालन के क्षेत्र में कदम रखा। अपनी मेहनत और पुराने अनुभव के साथ उन्होंने धीरे-धीरे पशुधन की संख्या में बढ़ोतरी की। आज उनके पास कुल 10 गायें हैं।
महीने का टर्नओवर पहुंचा 1.20 लाख के पार
पशुपालन के प्रति अपने पुराने शौक को आजीविका में बदलते हुए परशुराम गुप्ता अब प्रतिदिन करीब 100 लीटर दूध का उत्पादन कर रहे हैं। इस दूध को वे स्थानीय डेयरी में 40 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचते हैं, जिससे उनका मासिक कारोबार लगभग 1.20 लाख रुपये तक पहुंच गया है। 75 वर्ष की आयु में भी वे पूरे उत्साह के साथ अपने इस सफल व्यवसाय में जुटे हुए हैं।
सरकारी मदद और सही नियोजन से बदला जीवन
शासन की योजनाओं से मिलने वाली छोटी-छोटी आर्थिक सहायता का योजनाबद्ध उपयोग किस प्रकार बड़ा बदलाव ला सकता है, यह परशुराम गुप्ता के अनुभव से समझा जा सकता है। उनका मानना है कि मेहनत और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल से उम्र आत्मनिर्भरता की राह में कभी बाधा नहीं बनती। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की बचत से शुरू हुआ उनका यह छोटा सा प्रयास आज एक मुनाफे वाले व्यवसाय का रूप ले चुका है।









