✍️ विशेष संवाददाता
सूरजपुर | छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से रेस्क्यू का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां उफनती नदी के बीच फंसे एक ग्रामीण की जान बचाने के लिए प्रशासन और रेस्क्यू टीम ने अपनी जान की बाजी लगा दी। ओड़गी थाना क्षेत्र के ग्राम माढर में मछली पकड़ने के दौरान एक व्यक्ति तेज बहाव की चपेट में आ गया और घंटों तक नदी के बीचों-बीच स्थित एक चट्टान पर फंसा रहा। जिला प्रशासन और डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (DDRF) की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया और सुरक्षित बाहर निकाला।
मछली पकड़ने गया था ग्रामीण, अचानक आई आफत
जानकारी के मुताबिक, ग्राम माढर निवासी अशोक सोनपाकर नदी में मछली पकड़ने के लिए उतरे थे। इसी दौरान नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और वे तेज बहाव की चपेट में आ गए। खुद को संभालते हुए उन्होंने नदी के बीच एक चट्टान पर शरण ली, लेकिन चारों तरफ पानी का रौद्र रूप देखकर उनकी सांसें अटक गईं। घटना की सूचना मिलते ही भैयाथान SDM ने बिना देर किए जिला प्रशासन को पूरे मामले की जानकारी दी।
उफनती लहरों के बीच मौत को मात, ऐसे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही जिला सेनानी संजय गुप्ता के निर्देश पर DDRF की संयुक्त टीम तत्काल मौके पर पहुंची। उफनती नदी और विपरीत मौसम के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण था, लेकिन बचाव दल ने सूझबूझ और बेहतर तालमेल के साथ जोखिम भरा अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने अशोक सोनपाकर तक पहुंच बनाई और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
ये हैं रेस्क्यू ऑपरेशन के असली हीरो
इस सफल रेस्क्यू अभियान में DDRF संयुक्त टीम के प्रभारी हवलदार बीरबल गुप्ता के नेतृत्व में आनंद चौबे, धनश्य नेताम, हंसलाल, देवनारायण, त्रिनेत्र सिंह, शिवनारायण सिंह, सिद्धू सिंह, रिकेश कुमार और विदेश सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम के इस साहसी कार्य की हर तरफ सराहना हो रही है।
सफल रेस्क्यू के बाद जिला प्रशासन ने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने अपील की है कि लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर खतरनाक स्तर पर है। ऐसे में लोग जल स्रोतों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के पास जाने का जोखिम न उठाएं और सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करने की हिदायत दी गई है।









