रायपुर के होनहार आयुष शर्मा ने JRF में लहराया परचम, 99.75% अंकों के साथ रचा इतिहास
OM Darpan
Jul 23, 2025 01:57 am
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23 Jul 2025
परिवार में जश्न का माहौल
रायपुर। दृढ़ इच्छाशक्ति और अथक परिश्रम के दम पर कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है, इस बात को सच कर दिखाया है राजधानी के होनहार बेटे आयुष शर्मा ने। पिता धीरेंद्र शर्मा और माता विभा शर्मा के सुपुत्र आयुष ने जेआरएफ (Junior Research Fellowship) परीक्षा में 99.75 प्रतिशत अंकों के साथ अभूतपूर्व सफलता का परचम लहराया है। इस शानदार उपलब्धि की खबर लगते ही न केवल उनके परिवार में, बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
सफलता का सफर नहीं था आसान
आयुष बचपन से ही एक मेधावी छात्र रहे हैं। उनकी शैक्षणिक यात्रा भी बेहद प्रभावशाली रही है। इससे पहले उन्होंने एलएलबी (LLB) की डिग्री हासिल की और फिर एलएलएम (LLM) में विश्वविद्यालय की मेरिट सूची में आठवां स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। यही नहीं, उन्होंने यूजीसी-नेट (UGC-NET) की परीक्षा भी सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की है। जेआरएफ में उनका चयन उनकी वर्षों की मेहनत और लगन का ही परिणाम है।शोधकार्य के लिए मिलेगी ₹65,000 की स्कॉलरशिप
जेआरएफ परीक्षा में चयनित होने के बाद आयुष को अब शोधकार्य के लिए भारत सरकार की ओर से प्रतिमाह ₹65,000 की स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी। यह फेलोशिप उन्हें अपने शोध को आगे बढ़ाने और अकादमिक क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए एक मजबूत आर्थिक संबल प्रदान करेगी।सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को
अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय आयुष ने बड़ी विनम्रता से अपने माता-पिता, ईश्वर और समाज के उन प्रबुद्धजनों को दिया है, जिन्होंने हर कदम पर उनका मार्गदर्शन किया और प्रेरणा दी। उन्होंने अपने छोटे भाई प्रत्युष शर्मा के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उसके प्रेम और समर्थन ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने का हौसला दिया। आयुष शर्मा की यह कामयाबी उन तमाम युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत है जो अपने सपनों को साकार करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि समर्पण और दृढ़ संकल्प हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
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