14 सितम्बर 2026 |
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शहीद दिवस पर बी.एड. प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों का अनूठा श्रद्धांजलि मार्च, सरकार से सेवा सुरक्षा और समायोजन की मांग

OM Darpan

Mar 24, 2025 08:25 am 217 views
शहीद दिवस पर बी.एड. प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों का अनूठा श्रद्धांजलि मार्च, सरकार से सेवा सुरक्षा और समायोजन की मांग

रायपुर। 

सेवा सुरक्षा और समायोजन की मांग को लेकर पिछले तीन महीनों से संघर्षरत बी.एड. प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों ने आज शहीद दिवस के अवसर पर शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को अनूठे अंदाज में श्रद्धांजलि अर्पित की। रायपुर के भाठागांव बस स्टैंड से जी शहीद भगत सिंह चौक तक निकाली गई इस रैली में शिक्षक शहीदों के वेश में शामिल हुए और उनके आदर्शों को नमन किया। रैली के समापन पर शिक्षकों ने शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

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तीन महीने से जारी है संघर्ष, लेकिन सरकार की चुप्पी जारी
प्रदेश के हजारों बी.एड. प्रशिक्षित सहायक शिक्षक लगातार सेवा सुरक्षा और समायोजन की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन, क्रमिक अनशन, सामूहिक उपवास, मशाल जुलूस और ज्ञापन सौंपने जैसे शांतिपूर्ण तरीकों से अपनी आवाज उठा रहे हैं। शिक्षकों की यह मांग है कि चूंकि सरकार ने बी.एड. धारकों को प्राथमिक शिक्षक के पद पर भर्ती किया था, अब उन्हें अयोग्य ठहराना अन्यायपूर्ण है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राज्य सरकार के पास अधिकार है कि वह इन शिक्षकों को अन्य पदों पर समायोजित करे, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, तथा अन्य संबंधित अधिकारियों से कई बार वार्ता की गई, लेकिन अभी तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं, समाधान नहीं। शिक्षकों का कहना है कि यदि सरकार शीघ्र ही ठोस निर्णय नहीं लेती है, तो उनका आंदोलन और उग्र होगा।

सरकार से मांगे:

  1. सभी बी.एड. प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों को सेवा सुरक्षा दी जाए और उन्हें अन्य पदों में समायोजित किया जाए।

  2. शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की संख्या पहले से ही कम है, ऐसे में योग्य शिक्षकों को नौकरी से निकालना न केवल अन्याय होगा बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव डालेगा।

  3. सरकार को जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालकर शिक्षकों की सेवाएं सुरक्षित करनी चाहिए।

इस ऐतिहासिक शहीद दिवस पर शिक्षकों ने शहीदों के बलिदान से प्रेरणा लेते हुए न्याय की लड़ाई जारी रखने की शपथ ली और सरकार से अपील की कि वे शिक्षकों की भावनाओं और उनकी आजीविका के संकट को समझते हुए त्वरित निर्णय लें।

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