बेंगलुरु।
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। 7 सितंबर रविवार की रात को जक्कुर डबल रोड के पास एक घायल आवारा कुत्ते को सड़क पार करने में मदद करते समय एक 29 वर्षीय महिला वेब डिज़ाइनर को एक व्यक्ति द्वारा दो बार यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। इस घटना ने शहर में महिला सुरक्षा और आवारा पशुओं की समस्या पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आरोपी का पीछा और गिरफ्तारी
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी की पहचान मंजूनाथ के रूप में हुई है, जो पेशे से एक इंजीनियर है। घटना को अंजाम देने के बाद उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन पीड़ित महिला के दोस्तों ने उसका पीछा किया। कथित तौर पर मंजूनाथ ने अपने वाहन पर नियंत्रण खो दिया, गिर गया और अमृतहल्ली स्टेशन से गश्त कर रही पुलिस को सौंपने से पहले उसे पकड़ लिया गया। हालांकि, वह शुरुआत में भागने में कामयाब रहा, लेकिन बाद में उसे बगलूर के पास उसके अपार्टमेंट में घायल अवस्था में ढूंढ लिया गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में पुलिस अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया।
आवारा पशुओं से जुड़े अन्य मामले
इसी बीच, कर्नाटक के तुमकुरु जिले में आवारा पशुओं से जुड़ी एक और परेशान करने वाली घटना सामने आई है। एक महिला के लिए नियमित अदालती दौरा उस समय भयावह अनुभव में बदल गया जब अदालत परिसर में एक आवारा कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया। पीड़िता, 35 वर्षीय गंगूबाई, एक पारिवारिक विवाद से संबंधित सुनवाई में शामिल होने आई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह शौचालय से बाहर निकली ही थीं कि अचानक कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनके चेहरे पर गंभीर चोटें आईं।
संतुलित समाधान की आवश्यकता
बेंगलुरु और तुमकुरु दोनों ही मामले आवारा कुत्तों की समस्या के लिए एक संतुलित और मानवीय समाधान की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करते हैं। एक ओर जहां घायल पशुओं की मदद करते समय महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन गई है, वहीं दूसरी ओर आवारा कुत्तों द्वारा लोगों पर हमले भी चिंता का विषय हैं। इन घटनाओं को देखते हुए प्रशासन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है।









