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आरएसएस शताब्दी समारोह में ‘राष्ट्र प्रथम’ का हुआ आह्वान

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रायपुर (सत्यानंद सोई)।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर शहर में एक भव्य शताब्दी समारोह का आयोजन किया गया। यह विशेष कार्यक्रम दही हांडी मैदान के पास, श्रीनगर रोड पर आयोजित हुआ, जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, युवाओं और बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस महत्वपूर्ण शताब्दी समारोह की अध्यक्षता तेलुगु वेलफेयर सोसायटी (TWS) ने की। TWS के अध्यक्ष टी गोपी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि महासचिव के सत्या बाबू और सोसायटी के सभी सम्मानित पदाधिकारी एवं सदस्य भी मंच पर मौजूद थे। वक्ताओं ने संघ के 100 वर्षों के योगदान को याद करते हुए संगठन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

 

समारोह में बताया गया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना वर्ष 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा की गई थी। संघ ने अपनी सौ वर्षों की लंबी यात्रा में राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता स्थापित करने, सेवा कार्यों को गति देने और भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों के संरक्षण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संघ ने शिक्षा और सेवा के माध्यम से देश के हर कोने में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।

‘राष्ट्र प्रथम’ सिद्धांत अपनाने का आह्वान

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, TWS अध्यक्ष टी गोपी ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए एक सशक्त संदेश दिया। उन्होंने संघ की मूल विचारधारा— ‘राष्ट्र प्रथम’ — को सभी के जीवन में आत्मसात करने का जोरदार आह्वान किया। टी गोपी ने कहा कि देश को सर्वोच्च प्राथमिकता देना ही संघ के 100 वर्षों के सफल सफर का मूल मंत्र रहा है। हमें इस सिद्धांत का अनुसरण करना चाहिए।

कार्यक्रम का समापन भारत माता की जय और वंदे मातरम के गगनभेदी नारों के साथ हुआ।

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