- महासमुंद के सरपंच ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिलने के लिए दिल्ली में डेरा डाला; सड़क निर्माण परियोजना की गति पर उठाए सवाल
- सड़क निर्माण की मांग पर सरपंच की दिल्ली यात्रा
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सरपंच शत्रुघ्न चेलक ने अपने गांव में बावनकेरा से रामदाबरी तक तत्काल सड़क निर्माण की मांग को लेकर अनूठे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया है। उन्होंने इस मुद्दे को केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के सामने उठाने के लिए दिल्ली में डेरा डाला है।
सड़क की कमी से उत्पन्न समस्याएँ
सड़क न होने के कारण गाँववासियों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बरसात के मौसम में गाँव का सम्पर्क अन्य क्षेत्रों से कट जाता है, जिससे एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाएँ नहीं पहुँच पातीं। इससे रोगियों और गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पैदल यात्रा करनी पड़ती है।
प्रशासनिक देरी और ग्रामीणों की निराशा
सड़क निर्माण परियोजना के लिए लगभग 2 करोड़ 53 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं, लेकिन नौकरशाही की देरी और निविदा प्रक्रिया में समस्या के कारण परियोजना की प्रगति पिछले एक साल से रुकी हुई है। जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री से कई शिकायतें करने के बावजूद, कोई महत्वपूर्ण कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों में निराशा और असंतोष फैल गया है।
ग्रामीणों की आवाज़ और सरपंच की पहल
ग्रामीणों का कहना है कि आवश्यक सड़क न होने के कारण दशकों से विकास नहीं हो पा रहा है। सरपंच शत्रुघ्न चेलक ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से बैठक सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है और सड़क निर्माण में तेजी लाने का आग्रह किया है। ग्रामीणों ने सरपंच के मिशन का समर्थन करने के लिए अपने संसाधन भी जुटाए हैं।
नोहर लाल बंजारे और समारू लाल अवाडे जैसे स्थानीय लोगों का कहना है कि बुनियादी ढांचे की कमी के कारण न केवल स्वास्थ्य सेवाएँ प्रभावित हो रही हैं, बल्कि शिक्षा और सामाजिक संबंधों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।










