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मुंबई से आए निरंकारी संत का रायपुर में आध्यात्मिक सत्संग
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स्वामी विवेकानंद के प्रसंग से समझाया भक्ति का मर्म
रायपुर.
राजधानी के कटोरा तालाब स्थित स्टार इलेवन ग्राउंड में रविवार को संत निरंकारी मिशन का विशाल सत्संग आयोजित किया गया। मुंबई (महाराष्ट्र) से आए ब्रह्मज्ञानी संत श्रीधर पाटिल ने सत्संग में सैकड़ों श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि संसार में ईश्वर की चर्चा करने वालों की संख्या लाखों में है, लेकिन ईश्वर से वास्तविक मिलाप कराने वाला केवल सतगुरु ही होता है।
इस दौरान उन्होंने निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज का पावन संदेश छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के बीच साझा किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रभु प्रेमी उपस्थित रहे और विभिन्न भाषाओं में भक्ति गीतों व व्याख्यानों के माध्यम से सत्संग का लाभ उठाया।
बिना देखे ईश्वर का वर्णन असंभव
अपने उद्बोधन में श्रीधर पाटिल ने स्वामी विवेकानंद की अमेरिका यात्रा के एक प्रसंग का जिक्र करते हुए ईश्वर दर्शन की महत्ता समझाई। उन्होंने बताया कि विवेकानंद ने एक अमेरिकी व्यक्ति से अपने भारत में रहने वाले एक मित्र के बारे में बताने को कहा। जब अमेरिकी व्यक्ति ने कहा कि ‘मैंने आपके मित्र को कभी देखा नहीं, तो उसके रूप-रंग या कद-काठी का वर्णन कैसे कर सकता हूं’, तब स्वामी जी ने समझाया कि यही स्थिति ईश्वर के साथ भी है। जिसने ईश्वर को देखा नहीं, वह केवल अनुमान लगा सकता है। केवल सतगुरु ही ईश्वर की पहचान करा सकता है, जिसके बाद ही जीवन में वास्तविक भक्ति का आरंभ होता है।
भेदभाव से परे है सच्ची भक्ति
संत पाटिल ने कहा कि ईश्वर की सच्ची भक्ति करने वाला व्यक्ति कभी भी निंदा, नफरत, भेदभाव या छल-कपट के झगड़ों में नहीं पड़ता। सच्चा भक्त ऊंच-नीच, भाषा और प्रांतवाद की दीवारों को तोड़कर सभी में एक ईश्वर का नूर देखता है। सत्संग में वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि संतों के संग से ही जीवन में असली सुकून आता है।
आगामी दिनों में प्रदेश के अन्य शहरों में प्रवास
कार्यक्रम के दौरान रायपुर जोन के जोनल इंचार्ज गुरबक्श सिंह कालरा ने संत श्रीधर पाटिल का आत्मीय स्वागत किया। मीडिया प्रभारी प्रेम सिंह धामी ने बताया कि श्रीधर पाटिल आगामी दिनों तक छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों का दौरा करेंगे और सत्य का संदेश देंगे। सत्संग स्थल पर सेवादल के सदस्यों द्वारा व्यवस्था का संचालन किया गया।












