Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

निर्वासन के दो साल बाद मौन तोड़ेंगी शेख हसीना

Nirvasan-ke-do-saal-baad-maun-todengi-Sheikh-Hasina

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

 

  • अगस्त 2026 में विदेशी संवाददाता क्लब से दुनिया को संबोधित करेंगी शेख हसीना

  • छात्र आंदोलन और वतन वापसी की रणनीति पर साझा कर सकती हैं अपनी राय

नई दिल्ली। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना लगभग दो साल के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर सार्वजनिक रूप से दुनिया के सामने आने जा रही हैं। वह 5 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया के सर मार्क टुली ऑडिटोरियम में आयोजित होने वाली एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगी।

यह कार्यक्रम शाम 6 बजे से 7:30 बजे तक चलेगा और इसे क्लब के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लाइव प्रसारित किया जाएगा। यह तारीख इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि ठीक दो साल पहले, 5 अगस्त 2024 को देशव्यापी हिंसक छात्र आंदोलन के बीच उन्हें बांग्लादेश छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी थी।

वापसी की बड़ी रणनीति

इस बहुप्रतीक्षित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेख हसीना द्वारा अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन, अपनी सरकार के पतन और बांग्लादेश के मौजूदा राजनीतिक हालात पर खुलकर विचार व्यक्त करने की संभावना है। इसके साथ ही वह वर्तमान बांग्लादेश सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना कर सकती हैं।

सूत्रों के अनुसार, शेख हसीना दिसंबर 2026 के आसपास अपनी स्वेच्छा से बांग्लादेश वापस लौटने की भावी योजनाओं का खुलासा कर सकती हैं। वह अदालत के समक्ष प्रस्तुत होकर अपनी पार्टी अवामी लीग पर लगाए गए प्रतिबंधों को कानूनी रूप से चुनौती देने की रणनीति साझा करेंगी।

पुराने आरोपों पर जवाब

उल्लेखनीय है कि 5 अगस्त 2024 को लाखों प्रदर्शनकारियों द्वारा प्रधानमंत्री आवास का घेराव करने के बाद सैन्य सलाह पर इस्तीफा देकर शेख हसीना अपनी बहन शेख रेहाना के साथ सैन्य विमान से गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पहुंची थीं। तब से वे भारत में कड़ी सुरक्षा के बीच रह रही हैं।

इस बीच, बांग्लादेश के युद्ध अपराध न्यायाधिकरण ने नवंबर 2025 में छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के मामले में उनकी अनुपस्थिति में उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। शेख हसीना ने इस सजा को पूरी तरह असंवैधानिक और राजनीति से प्रेरित करार देकर खारिज कर दिया है।

प्रत्यर्पण की कानूनी समीक्षा

बांग्लादेश सरकार द्वारा भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग भी की गई है, जिस पर भारतीय विदेश मंत्रालय द्विपक्षीय कानूनी संधियों के तहत समीक्षा कर रहा है। दो साल के मौन के बाद होने जा रही शेख हसीना की इस पहली सार्वजनिक उपस्थिति और प्रेस कॉन्फ्रेंस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय यह देखने के लिए उत्सुक है कि वह बांग्लादेश के मौजूदा राजनीतिक संकट, अपनी स्वदेश वापसी और अपने भावी राजनीतिक कदमों को लेकर क्या नया संदेश देती हैं।

omdarpanprmot-01
previous arrow
next arrow