नई दिल्ली।
ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने अडानी समूह को बड़ा झटका दिया है। मूडीज ने अडानी ग्रुप की 7 कंपनियों का रेटिंग आउटलुक स्थिर से घटाकर नकारात्मक कर दिया है। इनमें अडानी ग्रीन एनर्जी और अडानी पोर्ट्स जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। इस कदम के पीछे मूडीज ने अडानी समूह के खिलाफ अमेरिका में रिश्वत से जुड़े मामले को कारण बताया है।
मूडीज ने अडानी ग्रीन एनर्जी, अडानी ट्रांसमिशन की क्रमशः दो-दो इकाइयों के अलावा अडानी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड, अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड और अडानी इंटरनेशनल कंटेनर टर्मिनल की रेटिंग आउटलुक को स्थिर से नकारात्मक कर दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी पर अमेरिकी अदालत में सोलर एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट में अनुकूल शर्तों के बदले भारतीय अधिकारियों को $25 करोड़ से अधिक की रिश्वत देने का आरोप लगा है।
अडानी विल्मर की बिक्री योजना में देरी संभव
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड और विल्मर इंटरनेशनल लिमिटेड अपने ज्वाइंट वेंचर अडानी विल्मर में 12% हिस्सेदारी की प्रस्तावित बिक्री में देरी पर विचार कर रहे हैं। सेबी के नियमों के अनुसार, कंपनी को लिस्टिंग के तीन साल के भीतर कम से कम 25% हिस्सेदारी बेचनी होती है। अडानी विल्मर की लिस्टिंग फरवरी 2022 में हुई थी, और फरवरी 2025 तक इस हिस्सेदारी को बेचना अनिवार्य है। सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी आरोपों के कारण यह समय सीमा पूरी करना मुश्किल होगा।
अडानी विल्मर का फॉर्च्यून ब्रांड भारतीय बाजार में काफी लोकप्रिय है। परंतु अमेरिकी अदालत में रिश्वत से जुड़े आरोपों के कारण कंपनी की हिस्सेदारी बिक्री योजना पर असर पड़ सकता है।










