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रूह कंपा देने वाली घटना: बेटी की लाश के साथ सोता रहा पिता, बदबू छिपाने छिड़कता था परफ्यूम… 4 महीने बाद कमरे से मिला कंकाल

Meerut me beti ka kankal

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मेरठ (ओमदर्पण न्यूज़)।

उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक ऐसी सनसनीखेज और खौफनाक घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक पिता अपनी 34 वर्षीय जवान बेटी की लाश के साथ कई दिनों तक घर में रहा और फिर बाहर से ताला लगाकर फरार हो गया। करीब चार महीने बाद जब उस घर का दरवाजा खुला, तो अंदर का खौफनाक मंजर देखकर पुलिस और रिश्तेदारों की रूह कांप गई।

मामला मेरठ के एक शांत इलाके का है, जहां प्रियंका अपने पिता उदय भान बिस्वास के साथ रहती थी। करीब 4 महीने पहले अचानक उनके घर पर ताला लग गया और दोनों गायब हो गए। पड़ोसियों को लगा कि शायद वे कहीं बाहर गए हैं। रिश्तेदार लगातार फोन करते रहे, लेकिन पिता उदय भान कभी खुद को देहरादून में बताता, तो कभी फोन उठाना ही बंद कर देता।

चाय की दुकान पर पकड़ाया पिता, उगला सच

शुक्रवार को इस कहानी में तब बड़ा मोड़ आया जब पिता उदय भान को बेगम बाग इलाके की एक चाय की दुकान पर देखा गया। रिश्तेदारों ने उसे तुरंत पकड़ लिया और प्रियंका के बारे में पूछताछ की। पहले तो उसने झूठ बोला कि प्रियंका अस्पताल में भर्ती है, लेकिन जब सख्ती बरती गई तो उसने जो सच उगला, उसने सबको सुन्न कर दिया। पिता ने कबूल किया कि प्रियंका मर चुकी है और उसका शव घर के अंदर ही बंद है।

परफ्यूम छिड़ककर छिपाता था लाश की बदबू

पुलिस की मौजूदगी में जब घर का ताला तोड़ा गया, तो अंदर का दृश्य किसी डरावनी फिल्म से कम नहीं था। प्रियंका का शव पूरी तरह सड़ चुका था और अब बिस्तर पर केवल कंकाल बचा था। कमरे में चारों तरफ रद्दी और कचरा फैला हुआ था। पूछताछ में पिता ने जो बताया वह और भी खौफनाक था। उसने बताया कि बेटी की मौत के बाद वह 3-4 दिनों तक उसी कमरे में शव के साथ सोता रहा। लाश से बदबू न फैले और पड़ोसियों को भनक न लगे, इसलिए वह पूरे घर में लगातार परफ्यूम (Perfume) स्प्रे करता रहता था।

डॉक्टर की बजाय तांत्रिक से कराता था इलाज

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह परिवार काफी समय से गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहा था। वर्ष 2013 में प्रियंका की मां की मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही पिता और पुत्री डिप्रेशन में चले गए थे। प्रियंका अक्सर बीमार रहती थी, लेकिन अंधविश्वास के चलते पिता उसे डॉक्टर के पास ले जाने की बजाय तांत्रिक के पास ले जाता था। रिश्तेदारों के अनुसार, परिवार किसी से ज्यादा मेलजोल नहीं रखता था और समाज से कटा हुआ था, इसी वजह से चार महीने तक किसी को इस खौफनाक घटना की भनक तक नहीं लगी।

जांच में जुटी पुलिस, इलाके में दहशत

फिलहाल पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस अब इस एंगल पर भी गहराई से काम कर रही है कि क्या प्रियंका की मौत बीमारी से (सामान्य) हुई थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश और हत्या का मामला है। इस घटना के खुलासे के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग दहशत में हैं।

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