बेमेतरा।
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के जिला बेमेतरा के प्रमुख अध्यक्ष हरदीप सिंघ राजा छाबड़ा ने बताया कि शुक्रवार 29 अगस्त को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का संपूर्णता दिवस भव्य रूप से मनाया जाएगा। यह दिन सिख समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दिन दशम गुरु, गुरु गोविंद सिंह ने गुरु तेग बहादुर के श्लोक जोड़कर और अंतिम रूप देकर आदि ग्रंथ को पूर्ण किया, जिससे यह सिखों का शाश्वत गुरु बन गया।

सिख समुदाय के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह दिन
गुरु ग्रंथ साहिब का संपूर्णता दिवस सिख इतिहास में एक मील का पत्थर है। यह वह दिन है जब गुरु गोविंद सिंह ने किसी भी मानव को अगला गुरु बनाने के बजाय, गुरु ग्रंथ साहिब को अपना शाश्वत गुरु घोषित किया। उन्होंने कहा था, ‘आज्ञा भई अकाल की तभै चलायो पंथ, सब सिक्खन को हुक्म है गुरु मानयों ग्रंथ।’ इस घोषणा ने गुरु ग्रंथ साहिब को सिख धर्म का अंतिम और हमेशा जीवित रहने वाला गुरु बना दिया, जिसके वचनों का पालन करना हर सिख का कर्तव्य है। यह दिन सिखों को उनकी आध्यात्मिक विरासत और गुरुओं की महानता की याद दिलाता है।
गुरु ग्रंथ साहिब का अंतिम स्वरूप और शिक्षाएँ
इस विशेष दिन पर, गुरु तेग बहादुर के श्लोकों को आदि ग्रंथ में शामिल किया गया था, जिससे ग्रंथ को अंतिम स्वरूप मिला। यह कार्य गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्रता और पूर्णता का प्रतीक है। सिख समुदाय इस दिन गुरु की महानता को याद करता है और उनके वचनों का पालन करने का संकल्प लेता है। यह दिन गुरु ग्रंथ साहिब में निहित मानवता और परोपकार की शिक्षाओं को याद करने और उनका पालन करने का एक सुनहरा अवसर है। इन शिक्षाओं में सभी मनुष्यों के प्रति प्रेम, सेवा और समानता का भाव प्रमुख है।






