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सुकमा में नक्सल संगठन के चार सदस्यों ने किया आत्मसमर्पण, पुनर्वास योजना का असर

OM Darpan

Oct 23, 2024 06:30 am 178 views
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सुकमा नक्सल आत्मसमर्पण

 सुकमा (कौशल संदुजा)। जिला सुकमा में नक्सल संगठन से जुड़े चार सक्रिय नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ शासन की "छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति" और "नियद नेल्ला नार" योजना से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया है। इन नक्सलियों ने अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार स्थापित हो रहे सुरक्षा कैम्पों और पुलिस के बढ़ते प्रभाव से प्रेरित होकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का फैसला किया। आत्मसमर्पण की यह घटना दिनांक 22 अक्टूबर 2024 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जिला सुकमा में हुई। आत्मसमर्पित नक्सलियों का विवरण:
  1. कुंजाम हिड़मा पिता माड़का (मेहता आरपीसी मिलिशिया सदस्य), उम्र 42 वर्ष, जाति मुरिया, निवासी दुरमा पुजारीपारा, थाना कोंटा, जिला सुकमा।
  2. कुंजाम गंगा पिता स्व. हिड़मा (गोमपाड़ आरपीसी मिलिशिया सदस्य), उम्र 26 वर्ष, जाति गोंड, निवासी बेलपोच्चा पुजारीपारा, थाना कोंटा, जिला सुकमा।
  3. उईका एंका पिता पापाराव (मेहता आरपीसी मिलिशिया सदस्य), उम्र 34 वर्ष, जाति दोरला, निवासी मेहता, थाना कोंटा, जिला सुकमा।
  4. पोड़ियाम गुरूवा पिता स्व. पोड़ियाम सीता (मेहता आरपीसी मिलिशिया सदस्य), उम्र 22 वर्ष, जाति मुरिया, निवासी मेहता, थाना कोंटा, जिला सुकमा।
आत्मसमर्पण के समय इन नक्सलियों ने बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया। इस प्रक्रिया में 217 वाहिनी सीआरपीएफ, 208 कोबरा वाहिनी आसूचना शाखा के कार्मिकों और डीआरजी जिला सुकमा के निरीक्षक अभिलाष टण्डन, अनिल कुमार, एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष भूमिका रही। ये नक्सली संगठन में रहते हुए पुलिस गश्त पार्टी की रेकी, पुलिस मार्गों पर स्पाईक/बम लगाने, मुख्य मार्गों को अवरुद्ध करने, और शासन के विरुद्ध नक्सली पर्चा-पाम्पलेट लगाने जैसी गतिविधियों में शामिल थे। छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति के तहत इन सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को सहायता राशि और पुनर्वास की अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
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