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कहा—जहां कभी बंदूक की गूंज थी, वहां अब तिरंगा लहरा रहा है शान से
नवा रायपुर।
छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित रजत महोत्सव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य के लिए अगले 25 वर्षों के विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने इस दौरान ₹14 हजार करोड़ रुपए की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। मोदी ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के नए युग का सूर्योदय हो रहा है, जिसका संकल्प यहां के हर नागरिक की हथेली में मोबाइल फ्लैश लाइट की रोशनी के रूप में नजर आ रहा है।
मोदी ने छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह और उपमुख्यमंत्री अरुण साहू तथा विजय शर्मा की मौजूदगी में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने इस गौरवशाली पल का सहभागी बनने को अपना सौभाग्य बताया और कहा कि उन्होंने राज्य गठन से पहले का दौर भी देखा है।
नक्सलवाद पर निर्णायक जीत
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने राज्य को माओवादी आतंक से मुक्ति दिलाने के संकल्प और सफलता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘जो लोग सामाजिक न्याय के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाते हैं, उन्होंने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए आपके साथ दशकों तक अन्याय किया है।’ मोदी ने कहा कि 2014 में सरकार बनने के बाद हमने माओवादी आतंक से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया, जिसके नतीजे देश देख रहा है। उन्होंने बताया कि 11 साल पहले देश के 125 जिले माओवादी आतंक की चपेट में थे, जो अब घटकर सिर्फ तीन बचे हैं। मोदी ने गारंटी देते हुए कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब छत्तीसगढ़ का हर कोना माओवादी आतंक से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा। उन्होंने कांकेर और बस्तर में हाल ही में हुए बड़े आत्मसमर्पणों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जहां कभी बम-बंदूक का डर था, वहां अब तिरंगा शान से लहरा रहा है और उत्सव का माहौल है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और आदिवासी कल्याण पर जोर
प्रधानमंत्री ने बताया कि 25 साल पहले जब राज्य बना था, तब गांवों तक पहुंचना मुश्किल था, लेकिन अब छत्तीसगढ़ के गांवों में सड़कों का नेटवर्क 40 हजार किलोमीटर तक पहुंच चुका है। बीते ग्यारह वर्षों में नेशनल हाईवे का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। रायपुर से बिलासपुर पहुंचने का समय आधा रह गया है। आज नागपुर-झारसुगुड़ा गैस पाइपलाइन राष्ट्र को समर्पित की गई है, जिससे सस्ती पाइप गैस पहुंचाने का संकल्प पूरा हो रहा है। इसके साथ ही, रायपुर, बिलासपुर और जगदलपुर जैसे शहर अब डायरेक्ट फ्लाइट से कनेक्टेड हैं।
मोदी ने आदिवासी समाज के योगदान को याद करते हुए शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का भी लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय डेढ़-सौ वर्षों के संघर्ष का इतिहास दर्शाता है। उन्होंने पीएम-जनमन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि यह करीब अस्सी हज़ार करोड़ रुपए की योजना है, जिसके तहत सबसे पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए पहली बार कोई राष्ट्रीय योजना बनी है। इसके अलावा, तेंदुपत्ता संग्राहकों को भी अब पहले से कहीं अधिक पैसा मिल रहा है।
गरीब कल्याण के लिए पक्के मकान की गारंटी
गरीब कल्याण की योजनाओं पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य और आवास पर फोकस किया। उन्होंने कहा कि 25 साल पहले छत्तीसगढ़ में सिर्फ एक मेडिकल कॉलेज था, आज 14 मेडिकल कॉलेज और रायपुर में एम्स है। आवास योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि बीते 11 साल में 4 करोड़ गरीबों को पक्के घर दिए गए हैं, और अब 3 करोड़ नए घर बनाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि आज ही छत्तीसगढ़ में साढ़े तीन लाख से अधिक परिवार अपने नए घर में गृह-प्रवेश कर रहे हैं और करीब तीन लाख परिवारों को ₹1200 करोड़ की किस्त जारी की गई है।






