बैकुंठपुर।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से कोरिया जिला पंचायत परिसर में एक भव्य जिलास्तरीय मेगा लिंकेज एवं क्रेडिट कैंप का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न शासकीय, अशासकीय एवं निजी बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस कैंप का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सशक्त करना, उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना था। अधिकारियों ने बताया कि जिले के 16 बैंकों द्वारा कुल 2,123 प्रकरणों में 99 करोड़ 32 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया है, जिसमें से 2,015 प्रकरणों में 80 करोड़ 64 लाख रुपये का वितरण मौके पर ही कर दिया गया।
महिलाओं को करोड़पति बनने का आह्वान
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए बैकुंठपुर विधायक भईयालाल राजवाड़े ने महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों और बिहान ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है। राजवाड़े ने महिलाओं से आह्वान किया कि अब लखपति बनना लक्ष्य नहीं, बल्कि करोड़पति बनने का सपना देखना होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की महिला सशक्तिकरण योजनाओं की सराहना की, जिनके परिणामस्वरूप आज कोरिया जिले की महिलाएं सफलता की नई ऊंचाइयां छू रही हैं।
बेहतर समन्वय की आवश्यकता: कलेक्टर
कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने इस अवसर पर हितग्राहियों और बैंक प्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समय पर ऋण अदायगी सुनिश्चित हो ताकि भविष्य में भी यह सहयोग बना रहे। उन्होंने मेगा बैंक लिंकेज एवं क्रेडिट कैंप के उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि यह महिलाओं को सशक्त करने और उन्हें जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
योजनाओं के तहत ऋण वितरण
कार्यक्रम में बताया गया कि भारतीय स्टेट बैंक ने सर्वाधिक सक्रियता दिखाते हुए 402 प्रकरणों में लगभग 25 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया है। लाभार्थियों को बिहान, मुद्रा, कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी और आदिवासी वित्त जैसी विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण दिए गए, जिससे उन्हें अपनी आजीविका और उद्यम को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा, जिला पंचायत के सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष वंदना राजवाड़े, जिला व जनपद पंचायतों के प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी, बैंकर्स, बड़ी संख्या में हितग्राही एवं महिला समूहों की सदस्याएं उपस्थित थीं।







