
- भिलाई नगर निगम के काजी हाउस में पशुधन का इलाज जारी
- घायल और बीमार पशुओं को मिल रही चिकित्सा सहायता
भिलाईनगर (रवि कुमार भास्कर)।
नगर निगम भिलाई क्षेत्र में दो काजी हाउस संचालित हो रहे हैं। एक काजी हाउस डी मार्ट के पास और दूसरा कोसा नाला क्षेत्र में स्थित है। इन काजी हाउसों में सैकड़ों आवारा पशुधन को रखा गया है। डी मार्ट काजी हाउस में बछड़े, सांड और अन्य पशुओं को पकड़कर रखा गया है, जबकि कोसा नाला में गाय और भैंसों को रखा गया है।

नगर निगम प्रशासन द्वारा इन पशुओं के लिए चारा, पानी और इलाज की व्यवस्था की जा रही है। कई पशु दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं और वे आपस में लड़कर घायल हो गए हैं या बीमार हो गए हैं। इन पशुओं को काजी हाउस लाकर भारती कर दिया गया है।
नगर निगम आयुक्त, राजीव कुमार पाण्डेय ने उपसंचालक, पशु चिकित्सा विभाग को पत्र लिखकर चिकित्सा दल की मांग की थी। उनके निर्देश पर संचालक, पशु चिकित्सा विभाग ने तीन सदस्यीय डॉक्टरों की टीम गठित की, जो दोनों काजी हाउस में पशुओं का इलाज कर रही है।
यदि इलाज के दौरान किसी पशु की मृत्यु होती है, तो पोस्टमार्टम किया जाएगा, जिससे मृत्यु का कारण ज्ञात किया जा सके। पशुओं के चारे के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से पर्याप्त मात्रा में पैरा और कुट्टी मंगवाए गए हैं। पीने के पानी की व्यवस्था के लिए बोरवेल चालू किया गया है, और हरे चारे की भी व्यवस्था की गई है, ताकि पशुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
चिकित्सा दल को निर्देश दिया गया है कि वे हर दिन शहरी काजी हाउस में पशुओं का इलाज करें। इलाज के दौरान, चिकित्सकों ने बताया कि बहुत से लोग खाने की सामग्री के साथ झिल्ली और पन्नी फेंक देते हैं, जिसे जानवर खाते हैं। इससे उनका पेट फूल जाता है, और वे बीमार हो जाते हैं, जिससे उनका इलाज मुश्किल हो जाता है। नगर निगम भिलाई नागरिकों से अपील करता है कि वे खाने की सामग्री को ठीक से पैक कर फेंके, ताकि जानवरों पर दया दिखाई जा सके।









