रायपुर।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने राज्य की मौजूदा विष्णुदेव साय सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार ने 2897 बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले का बहाना बनाकर सरकार ने इन बच्चों की नौकरी छीन ली, जो उनके कार्यकाल में शुरू की गई भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा थी।
भूपेश बघेल ने आईएएनएस से बातचीत में कहा,
“न्यायालय ने बच्चों के खिलाफ फैसला दिया है, लेकिन सरकार उस फैसले को बदल सकती है। इससे पहले भी कैबिनेट ने अपने कई फैसले बदले हैं। मुख्यमंत्री खुद आदिवासी वर्ग से आते हैं, फिर भी उन्होंने इन बच्चों की बात नहीं सुनी। यह पहली सरकार है, जिसने मिली हुई नौकरी बच्चों से छीनने का काम किया है।”Raipur, Chhattisgarh: Former CM Bhupesh Baghel on CM Vishnu Deo Sai initiation regarding the termination B.Ed.-trained assistant government teachers says, "…This is the first government that has worked to revoke permanent jobs that were given…When they themselves made these… pic.twitter.com/OfkXcZLjAr
— IANS (@ians_india) January 2, 2025
उन्होंने स्पष्ट किया कि 2897 बच्चों को दी गई नौकरी को भाजपा की सरकार ने दो किस्तों में भरा था, जिसमें दो किस्त उनके शासनकाल में और दो किस्त वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के शासनकाल में पूरी हुईं।
भूपेश बघेल ने सवाल उठाते हुए कहा,
“जब इन्होंने खुद भर्ती की है, तो न्यायालय में खड़े होकर यह क्यों नहीं कहा कि हम बच्चों को कहीं और नौकरी देंगे? इस चुप्पी के कारण आधे से ज्यादा आदिवासी बच्चों का भविष्य अंधकार में डाल दिया गया।”
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार के पास अभी भी मौका है कि वह इन बच्चों को नौकरी में बहाल करे। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को कैबिनेट में फैसले बदलने का उदाहरण पेश करते हुए इस मामले में भी सकारात्मक कदम उठाना चाहिए।







