रायपुर:
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य वन्यजीव बोर्ड की 16वीं बैठक संपन्न हुई। इसमें मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वन्यजीव प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने ‘न्यूनतम हस्तक्षेप’ के सिद्धांत पर जोर देते हुए कहा कि जंगलों में केवल अति-आवश्यक निर्माण कार्य ही किए जाएं, ताकि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास सुरक्षित रहें और सह-अस्तित्व बना रहे।
बैठक का सबसे अहम निर्णय ‘राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति’ का गठन रहा। वन मंत्री की अध्यक्षता वाली इस 11 सदस्यीय समिति के बनने से अब वन्यजीव क्षेत्रों में विकास कार्यों की मंजूरी में अनावश्यक विलंब नहीं होगा और फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे।
बोर्ड ने उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में बरबांधा जलाशय व नहरों के जीर्णोद्धार, सीआरपीएफ कैंप की स्थापना और ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के प्रस्तावों को हरी झंडी दी। इसके अलावा कबीरधाम में पीएम जनमन योजना के तहत सड़क सुदृढ़ीकरण, गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान और सेमरसोत अभ्यारण्य में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के प्रस्तावों को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड भेजने पर सहमति बनी।
बैठक में वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक धर्मजीत सिंह, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, पीसीसीएफ (HoFF) व्ही. श्रीनिवास राव और पीसीसीएफ (वन्यजीव) अरुण कुमार पाण्डेय समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।






