- रायपुर में भव्य सत्संग, तैयारियां जोरों पर
रायपुर (रवि कुमार भास्कर)।
आध्यात्मिक गुरु रविशंकर का आगमन छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में होने जा रहा है। वे 11 मार्च को संध्या 6:00 बजे साइंस कॉलेज मैदान में विशाल सत्संग का आयोजन करेंगे। इस कार्यक्रम में भिलाई और दुर्ग से हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे। आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं, और आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के शिक्षक और वॉलिंटियर घर-घर जाकर निमंत्रण दे रहे हैं।

भिलाई-दुर्ग में आर्ट ऑफ लिविंग का गहरा प्रभाव
आर्ट ऑफ लिविंग के अपेक्स मेंबर दिनेश कोटेजा और शिक्षक भक्ति ने बताया कि भिलाई और दुर्ग जिले में 50,000 से अधिक लोग आर्ट ऑफ लिविंग का हैप्पीनेस कोर्स कर चुके हैं। संस्था का विस्तार पूर्व मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 1998 से हुआ, जब पहली बार भिलाई में यह कोर्स शुरू हुआ था। अब यह पूरे छत्तीसगढ़ के गांव-गांव तक पहुंच चुका है, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में भी हैप्पीनेस कोर्स संचालित किए जा रहे हैं।
11 वर्ष बाद रविशंकर का छत्तीसगढ़ आगमन, अनुयायियों में उत्साह
11 वर्षों बाद रविशंकर राजकीय अतिथि के रूप में रायपुर आ रहे हैं। उनके अनुयायियों में जबरदस्त उत्साह है। वे ध्यान साधना और शिवलिंग की महिमा पर उनका सत्संग सुनने के लिए उत्सुक हैं।
आर्ट ऑफ लिविंग के मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के प्रथम शिक्षक प्रभात नारायण ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 650 से अधिक शिक्षक संस्था के माध्यम से लोगों को जीवन जीने की कला सिखाने के साथ-साथ समाज विकास के कार्य भी कर रहे हैं। यह आयोजन निशुल्क है और कोई भी इसमें भाग ले सकता है।
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के पवित्र अवशेषों के दर्शन का दुर्लभ अवसर
इस सत्संग में ध्यान और सत्संग के साथ 1000 वर्ष पुराने पवित्र सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के अवशेषों के दर्शन का भी आयोजन किया गया है, जो पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है।
गांव-गांव से पहुंचेगा जनसैलाब, युवाओं को मिलेगा मार्गदर्शन
ग्रामीण समन्वयक अजय शुक्ला ने बताया कि इस आयोजन में 240 गांवों से लगभग 8,000 लोगों के पहुंचने की संभावना है। कार्यक्रम में गांवों के पंच, सरपंच, जनपद सदस्य, युवा और महिलाएं बड़ी संख्या में भाग लेंगे। युवाओं को विशेष मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रीगण भी उपस्थित रहेंगे। यह पूरे राज्य के लिए एक अद्वितीय आध्यात्मिक अवसर होगा।









