

सूरजपुर।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के रामानुजनगर वन परिक्षेत्र के महेशपुर गांव के निकट हाथियों के हमले में दो मासूम भाई-बहन की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा शनिवार रात लगभग 2 बजे हुआ, जब 11 हाथियों का दल मुल्की पहाड़ के पास पहुंचा और वहाँ रह रही पण्डो जनजाति की झोपड़ियों को निशाना बनाया।
11 हाथियों का आतंक, झोपड़ियों को किया क्षतिग्रस्त
पिछले एक महीने से 11 हाथियों का दल इस इलाके में लगातार घूम रहा है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है। शनिवार रात हाथियों के इस दल ने मुल्की पहाड़ पर बने झोपड़ियों पर हमला किया। इस हमले में हाथियों ने दो झोपड़ियों को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया। पहली झोपड़ी में मौजूद तीन लोगों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन दूसरी झोपड़ी में सो रहे एक परिवार को हाथियों ने बुरी तरह घेर लिया।
दो मासूमों की जान गई, माता-पिता ने बचाई जान
दूसरी झोपड़ी में दो मासूम बच्चे और उनके माता-पिता सो रहे थे। जैसे ही हाथियों का हमला शुरू हुआ, माता-पिता ने बच्चों को लेकर भागने की कोशिश की, लेकिन अफरातफरी में वे गिर गए। इस दौरान 3 साल की बच्ची और 9 साल के बच्चे को हाथियों ने कुचल कर मार डाला। घटना की जानकारी मिलते ही प्रेमनगर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग ने ग्रामीणों को हाथियों से दूर रहने की हिदायत दी है और फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
वन विभाग की चेतावनी
वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को हाथियों के इलाके से दूर रहने की सलाह दी है। इलाके में लगातार हाथियों की गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। वन विभाग की टीम लगातार हाथियों के मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है।





