रायगढ़, धरमजयगढ़।
रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र में स्थित जबगा गांव के भगवान सिंह राशन दुकान के संचालक द्वारा की गई राशन वितरण में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। राशन दुकान का संचालक भगवान सिंह ने चना की प्रप्ति तो की थी, लेकिन वह ग्रामीणों को चना वितरण नहीं कर रहा था। साथ ही, शक्कर की बिक्री में भी अधिक शुल्क लिया जा रहा था।
खाद्य विभाग को मिली शिकायत के बाद, फूड इंस्पेक्टर और उनकी टीम ने मामले की जांच के लिए जांच शुरू की। टीम ने मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन किया और पाया कि पिछले चार महीनों से ग्रामीणों को चना नहीं बांटा गया था। इसके अलावा, शक्कर में 2 रुपये अतिरिक्त लिया जा रहा था।
ग्रामीणों के बयान:
ग्रामीणों ने अपनी शिकायतों में बताया कि राशनकार्ड बनवाने के लिए उनसे 2 हजार रुपये लिए गए थे। इसके साथ ही, यह भी खुलासा हुआ कि दिसबंर 2024 से मार्च 2025 तक ग्रामीणों को चना नहीं बांटा गया था।
राशन दुकान के संचालक का विरोध:
जांच के दौरान, जब फूड इंस्पेक्टर द्वारा ग्रामीणों के बयान लिए जा रहे थे, तभी राशन दुकान के संचालक भगवान सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने जांच टीम से बहस करना शुरू कर दिया। फूड इंस्पेक्टर के द्वारा दुकान का ताला खोलने के लिए कहने पर वह आनाकानी करने लगे। काफी देर बाद जब उन्होंने ताला खोला, तो जांच में पाया गया कि वह 18 क्विंटल चना की प्रप्ति तो कर चुके थे, लेकिन वहां केवल 7 क्विंटल चना मौजूद था। यह चना ग्रामीणों को वितरित नहीं किया गया था, जबकि इसका रिकार्ड में उल्लेख था।
फूड विभाग की सख्त कार्रवाई:
इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए, फूड विभाग ने जांच में पाया कि राशन वितरण में हुई गड़बड़ी के कारण ग्रामीणों को भारी नुकसान हुआ है। विभाग अब मामले की और विस्तृत जांच कर रहा है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की योजना बना रहा है।






