

ओलंपिक से बाहर होने के बावजूद विनेश फोगाट की उम्मीदें कायम, सीएएस का फैसला पदक की संभावनाओं को तय करेगा
पेरिस: भारतीय पहलवान विनेश फोगाट ने ओलंपिक में अधिक वजन के कारण हुई डिसक्वॉलीफिकेशन के खिलाफ कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (सीएएस) में शिकायत दर्ज कराई है। विनेश के पदक के भविष्य पर सीएएस गुरुवार को अंतरिम फैसला सुनाएगा। कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट, जो 1983 में स्थापित हुआ था, एथलीटों और खेल संगठनों को खेल से जुड़ी विवादों में शिकायत दर्ज करने की अनुमति देता है।


यदि सीएएस का फैसला विनेश के पक्ष में आता है, तो उन्हें पदक प्राप्त करने का मौका मिल सकता है। अन्यथा, यदि एथलीट का पदक छीन लिया गया है और कोर्ट के निर्णय से उसे वापस मिल जाता है, तो अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संगठन को अपनी गलती माननी होगी और एथलीट को मेडल लौटाना पड़ेगा।
विनेश को बुधवार को महिलाओं के 50 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में अयोग्य घोषित कर दिया गया था, क्योंकि उनका वजन 100 ग्राम अधिक था। वजन घटाने के प्रयासों के दौरान वह बीमार हो गईं और अस्पताल में भर्ती हो गईं। भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा ने विनेश को आश्वस्त किया कि पूरा देश उनके साथ है और चिकित्सा तथा भावनात्मक समर्थन प्रदान किया जा रहा है।
विनेश ने पहले ही मौजूदा चैम्पियन युइ ससाकी को हराया था और फाइनल में अमेरिका की सारा एन हिल्डब्रांट से मुकाबला करना था। सेमीफाइनल में हारने वाली क्यूबा की युसनेलिस गुजमैन लोपेज अब उनकी जगह फाइनल खेलेंगी।
भारत ने बढ़े वजन के कारण विनेश की अयोग्यता को लेकर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संगठन में अपील की थी, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। अब विनेश ने सीएएस में शिकायत दर्ज कराई है, और गुरुवार को होने वाले फैसले से उनकी पदक की संभावनाएं तय होंगी।





