



कोलकाता।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने बंगाल पुलिस को पूर्व मेदिनीपुर जिले के एगरा में एक मस्जिद को अपने नियंत्रण में लेने और मस्जिद में प्रवेश को नियंत्रित करने का आदेश दिया है। यह निर्देश 13 नवंबर को हुई हिंसक झड़प के बाद दिया गया है, जिसमें नमाज के समय मस्जिद में दो समूहों के बीच टकराव हुआ, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और आठ लोग घायल हो गए।
न्यायमूर्ति तीथंर्कर घोष ने बुधवार को चेतावनी दी कि अगर अदालत के आदेश के बाद भी धार्मिक मुद्दे पर कोई हिंसा होती है, तो वह सभी धार्मिक गतिविधियों को रोकने पर विचार करेंगे। अदालत यह सुनवाई उस याचिका पर कर रही थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि दोनों समूहों के बीच टकराव को टालने के लिए सात नवंबर को दिए गए आदेश का उल्लंघन किया गया है। उक्त आदेश के तहत दोनों समूहों को अपनी सुविधा के अनुसार मस्जिद में नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी।
हाई कोर्ट ने पुलिस से 17 दिसंबर तक मामले में एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। पुलिस ने अदालत को बताया कि हिंसा के संबंध में तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। न्यायमूर्ति घोष ने निर्देश दिया कि मस्जिद में प्रवेश को एगरा थाने के प्रभारी निरीक्षक की मंजूरी के अधीन रखा जाएगा।
विवाद का कारण एक व्यक्ति के मस्जिद के स्वामित्व का दावा करना है। मस्जिद पर दोनों समूह नमाज पढ़ने का दावा कर रहे हैं। दूसरे समूह ने पहले हाई कोर्ट का रुख कर यह दावा किया था कि उन्हें नमाज पढ़ने से रोका जा रहा है। इस पर सात नवंबर को हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को अपनी सुविधा से मस्जिद में नमाज अदा करने का निर्देश दिया था।




