21 सितम्बर 2026 |
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16 साल बाद भारत में ऐसा क्या हुआ कि दुनिया के 53 देश रह गए दंग? स्पीकर ओम बिरला ने संसद में खोला राज

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OM Darpan

Jan 30, 2026 01:26 am 360 views
16 साल बाद भारत में ऐसा क्या हुआ कि दुनिया के 53 देश रह गए दंग? स्पीकर ओम बिरला ने संसद में खोला राज

CSPOC 2026: कॉमनवेल्थ के स्पीकर्स का महासम्मेलन भारत में रहा ऐतिहासिक, ओम बिरला ने सदन में साझा की सफलता की कहानी

नई दिल्ली | 

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज सदन की कार्यवाही के दौरान 28वें कॉमनवेल्थ स्पीकर्स और पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन (CSPOC) 2026 की सफलता की जानकारी दी। उन्होंने सदन को बताया कि 16 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद भारत में आयोजित यह सम्मेलन एक 'बड़ी सफलता' साबित हुआ है।

पीएम मोदी ने किया था ऐतिहासिक आगाज

श्री बिरला ने बताया कि भारतीय संसद द्वारा 14 से 16 जनवरी 2026 के बीच इस भव्य सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन 15 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक 'संविधान सदन' के सेंट्रल हॉल में किया था।

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रिकॉर्ड तोड़ भागीदारी: दुनिया ने देखी भारत की धमक

सदन को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने खुशी जाहिर की कि इस सम्मेलन में रिकॉर्ड भागीदारी दर्ज की गई। 53 राष्ट्रमंडल देशों और 14 अर्ध-स्वायत्त संसदों के 60 अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के साथ लगभग 200 प्रतिनिधियों (Delegates) ने इसमें हिस्सा लिया।

 सम्मेलन में इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन (IPU) की प्रेसिडेंट डॉ. तुलिया एक्सन और कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (CPA) के चेयरपर्सन डॉ. क्रिस्टोफर कलिला को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था।

AI और सोशल मीडिया पर हुआ महामंथन

तीन दिवसीय इस सम्मेलन में सांसदों और संसदीय कार्यप्रणाली से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इनमें प्रमुख थे:

  • लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाने में अध्यक्षों की भूमिका।

  • संसद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग।

  • सांसदों पर सोशल मीडिया का प्रभाव।

  • संसद में जन-भागीदारी बढ़ाने की रणनीतियां।

  • सांसदों और संसदीय कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य।

40 देशों के साथ द्विपक्षीय वार्ता

श्री बिरला ने बताया कि सम्मेलन के दौरान उन्होंने 40 देशों के अध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। विदेशी मेहमानों ने भारत के जीवंत लोकतंत्र की जमकर सराहना की और भारत के साथ मजबूत सहयोग बनाए रखने की इच्छा जताई। समापन के बाद, 17 जनवरी 2026 को विदेशी मेहमानों को जयपुर भ्रमण भी कराया गया।

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