ज़मीन, मातृत्व व मान-सम्मान पर लिए गए निर्णायक फ़ैसले
रायपुर (सत्यानंद सोई)
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक, सदस्य लक्ष्मी वर्मा और सरला कोसरिया ने रायपुर स्थित आयोग कार्यालय में महिलाओं से जुड़े विभिन्न प्रकरणों की जनसुनवाई की। प्रदेश स्तरीय यह 316वीं और रायपुर जिले की 154वीं जनसुनवाई थी।

ज़मीन रजिस्ट्री के मामले में आवेदिका को मिला न्याय
सुनवाई के दौरान एक नस्तीबद्ध प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि उसने अपनी भूमि की रजिस्ट्री कर दी थी, लेकिन अनावेदक से राशि प्राप्त नहीं हुई थी। आयोग की समझाईश के बाद अनावेदक ने पांच लाख रुपए नगद और पांच-पांच लाख के दो चेक आवेदिका को एक माह के भीतर दिए। प्रकरण का निराकरण होने पर मामला नस्तीबद्ध किया गया।
मातृत्व अवकाश पर आयोग की सख़्ती
एक अन्य मामले में आवेदिका ने बताया कि उसे केवल 24 दिन का मातृत्व अवकाश दिया गया, जबकि वह 180 दिन की पात्र थी। उसने 22 नवम्बर 2024 को पुत्र को जन्म दिया था। अनावेदक ने कहा कि संविदा नियुक्ति 11 माह की थी जो 3 जनवरी 2025 को समाप्त हुई, और सेवा में ब्रेक के कारण पुनः मातृत्व अवकाश संभव नहीं था। आयोग ने दस्तावेजों सहित विस्तृत जवाब और अन्य संविदाकर्मियों को पूर्व में दिए गए मातृत्व अवकाश के प्रमाण मांगे हैं, ताकि निर्णय लिया जा सके।
पड़ोसियों में पटाखों को लेकर हुआ विवाद
एक और प्रकरण में दो पड़ोसियों के बीच पटाखा फोड़ने को लेकर विवाद हुआ, जिसमें एफआईआर दर्ज हुई। दोनों पक्षों ने स्वीकारा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। आयोग ने सुझाव दिया कि दोनों पक्ष न्यायालय में आपराधिक परिवाद प्रस्तुत करें, ताकि मामला वहीं सुलझाया जा सके। इसके बाद प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।
सामाजिक बहिष्कार की शिकायत का समाधान
दो पुराने मामलों में सामाजिक बहिष्कार की शिकायत की गई थी। आयोग की समझाईश पर अनावेदकों ने 24 मई 2025 को ग्राम नरी, थाना चंदनु, जिला बेमेतरा में समाजिकगणों की उपस्थिति में बहिष्कार समाप्त किया। दोनों पक्षों ने आयोग के निर्णय को स्वीकार कर लिया, और मामले नस्तीबद्ध किए गए।
मकान की बाउंड्री को लेकर आयोग की सलाह
एक अन्य प्रकरण में मकान के पट्टे और बाउंड्री को लेकर विवाद था। आयोग ने दोनों पक्षों को नगर निगम जोन 04 के कमिश्नर से संपर्क कर समाधान निकालने की सलाह दी है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मामला नस्तीबद्ध किया जाएगा।
वैवाहिक विवाद में हुई सुलह
एक प्रकरण में आवेदिका ने अपने पति के दूसरी महिला से संबंध की शिकायत की थी। दोनों पक्षों में अब सुलह हो गई है और वे साथ रहना चाहते हैं। आयोग ने एक वर्ष तक दोनों की निगरानी रखने का निर्णय लिया है। वर्तमान स्तर पर मामला नस्तीबद्ध किया गया।









