बलौदाबाजार। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले ने जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के शीर्ष 10 जिलों में स्थान बनाया है। जल शक्ति मंत्रालय के ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान के तीसरे चरण में जिला देशभर में 8वें स्थान पर रहा।
नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में आयोजित शिखर सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिले के इस मॉडल की जानकारी साझा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के जल संरक्षण प्रयासों को सराहा गया।
कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में जिले में “मोर गांव-मोर पानी अभियान 3.0” चलाया गया। इसके तहत जल संरक्षण को केवल सरकारी निर्माण तक सीमित न रखकर जन आंदोलन का रूप दिया गया।
2.46 लाख जल संरचनाएं तैयार
जिले में कुल 2,46,488 वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया गया है। इससे लगभग 5,146.30 लाख लीटर जल संचयन की क्षमता विकसित हुई है। अभियान का विस्तार 736 गांवों, 519 ग्राम पंचायतों और 9 नगरीय क्षेत्रों तक रहा।
पीएम आवासों में हार्वेस्टिंग सिस्टम
रणनीति के तहत प्रधानमंत्री आवासों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य रूप से जोड़ा गया। इसके अलावा डबरी, चेकडैम, खेत और सामुदायिक जल संरचनाओं के साथ नाला उपचार और गैबियन संरचनाओं पर फोकस किया गया।
10 लाख लोगों की भागीदारी
अभियान में 10,78,911 लोगों ने प्रत्यक्ष रूप से हिस्सा लिया। ग्राम पंचायत स्तर पर जल चौपाल, रैलियां और रंगोली जैसे कार्यक्रमों के जरिए “खेत का पानी खेत में और गांव का पानी गांव में” की अवधारणा को धरातल पर उतारा गया।










