कुवैत।
गल्फ एयर की एक उड़ान में तकनीकी खराबी के कारण रविवार को 60 भारतीय यात्री कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर 13 घंटे से अधिक समय तक फंसे रहे। यह उड़ान मुंबई से मैनचेस्टर जा रही थी, लेकिन तकनीकी समस्या के चलते विमान को कुवैत की ओर डायवर्ट किया गया।
यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी परेशानियों को साझा किया, जिसके बाद कुवैत में भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने सक्रियता दिखाते हुए हवाईअड्डे पर फंसे भारतीय यात्रियों की मदद की। भारतीय दूतावास के वरिष्ठ अधिकारियों ने जल्द से जल्द वैकल्पिक उड़ान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइन के साथ समन्वय किया।
Embassy @indembkwt had immediately taken up the matter with Gulf Air in Kuwait. A team from Embassy is at the airport to assist the passengers and coordinate with the airline. Passengers have been accommodated in 2 airport lounges. pic.twitter.com/1OySe3KGLc
— India in Kuwait (@indembkwt) December 1, 2024
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें गल्फ एयर के यात्री एयरपोर्ट अधिकारियों से बहस करते हुए दिखाई दे रहे हैं। यात्रियों ने आरोप लगाया कि उन्हें भेदभाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि एयरलाइन ने केवल यूरोपीय संघ, यूके और यूएस के यात्रियों को ही आवास मुहैया कराया, जबकि भारतीय, पाकिस्तानी और अन्य दक्षिण एशियाई देशों के यात्रियों को कोई सहायता नहीं दी गई।
आरजू सिंह, एक यात्री ने एनडीटीवी को बताया, “हमने कम से कम लाउंज एक्सेस की मांग की, लेकिन अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि केवल वे यात्री जो ट्रांजिट वीजा के लिए पात्र हैं, उन्हें ही होटल में ठहराया जाएगा। जब हमने पूछा कि ‘हमारे बारे में क्या?’ तो उन्होंने कहा कि ‘हम आपसे संपर्क करेंगे।’ हम दो घंटे तक उनके पीछे दौड़े, फिर जाकर हमें लाउंज में जाने का अवसर मिला।” आरजू सिंह ने यह भी बताया कि यात्रियों को पानी, खाना और कंबल भी उपलब्ध नहीं कराया गया था।
कुवैत में भारतीय दूतावास ने एक पोस्ट में बताया कि उनकी टीम यात्रियों की सहायता के लिए हवाई अड्डे पर मौजूद थी और एयरलाइन के साथ समन्वय करके यात्रियों को दो लाउंज में ठहराया गया था।







