- हनियेह और उनके अंगरक्षक की हत्या का आरोप इजराइल पर
- तेहरान में नमाज-ए-जनाजा के बाद हनियेह का शव कतर में दफनाया जाएगा
- इजराइल और फिलीस्तीन के बीच संघर्ष को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री की टिप्पणी
बेरूत। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके समर्थक फिलीस्तीनी मिलिशिया के प्रतिनिधियों ने हमास नेता इस्माइल हनियेह और उनके अंगरक्षक के जनाजे पर नमाज-ए-जनाजा अदा की। हनियेह और उनके अंगरक्षक की मौत का आरोप इजराइल पर लगाया गया है, जिससे क्षेत्रीय युद्ध का खतरा उत्पन्न हो गया है।
तेहरान विश्वविद्यालय में हनियेह के जनाजे पर नमाज-ए-जनाजा अयातुल्ला खामेनेई ने पढ़ी। ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान भी उनके साथ थे। सरकारी टेलीविजन पर हनियेह और उनके अंगरक्षक के ताबूतों को एक ट्रक में रखते हुए और तेहरान के आजादी चौक की ओर ले जाते हुए दिखाया गया। लोगों ने ताबूतों पर फूल बरसाए।
हनियेह और उनके अंगरक्षक की हत्या एक हवाई हमले में हुई है, जिसका आरोप इजराइल पर लगाया गया है। हनियेह तेहरान में राष्ट्रपति पेजेश्कियान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे। इस हमले में हनियेह का तेहरान स्थित आवास भी नष्ट हो गया है। ईरानी अधिकारियों ने हमले की जांच की बात कही है, लेकिन विस्तृत जानकारी नहीं दी है।
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने पश्चिम एशिया के देशों से अपील की है कि वे ऐसी कार्रवाई से बचें जो क्षेत्र को और संघर्ष में डाल सकती है। उन्होंने कहा कि गाजा में इजराइल और हमास के बीच संघर्ष विराम ही मौजूदा हिंसा और पीड़ा के चक्र को तोड़ने का एकमात्र तरीका है।
हनियेह के शव को शुक्रवार को दफनाने के लिए कतर ले जाया जाएगा। ईरान हमास के साथ-साथ हिजबुल्लाह और अन्य फिलीस्तीनी उग्रवादी समूहों का समर्थन करता है।









