

- छत्तीसगढ़ में केंद्रीय गृहमंत्री के दौरे से पहले सियासी घमासान, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने उठाए एनकाउंटर और आदिवासी सुरक्षा के मुद्दे
रायपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे से पहले राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। शाह के आने से एक दिन पहले, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने उन्हें एक तीखा पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ में कथित फर्जी एनकाउंटर और आदिवासियों के उत्पीड़न को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
दीपक बैज ने अपने पत्र में पूछा है, “छत्तीसगढ़ में फर्जी एनकाउंटर कब बंद होंगे? यहां के आदिवासियों को फर्जी नक्सली बताकर जेल भेजने का सिलसिला कब रुकेगा? राज्य में आदिवासियों की हत्या कब तक चलती रहेगी?” बैज ने राज्य की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। उन्होंने पूछा, “जन प्रतिनिधियों को क्यों डराया जा रहा है? विधायक से लेकर पत्रकार तक सुरक्षित नहीं हैं, महिलाएं कब तक असुरक्षित रहेंगी?”
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मीडिया से बात करते हुए अमित शाह के दौरे का स्वागत किया, लेकिन उनके इस दौरे के उद्देश्य और छत्तीसगढ़ में वर्तमान स्थितियों पर अपनी चिंता भी व्यक्त की। दीपक बैज के इस पत्र के बाद, राज्य में सियासी माहौल और गरमा गया है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने बैज की आलोचना की। नेताम ने कहा, “दीपक बैज को ऐसी राजनीति से बचना चाहिए। कांग्रेस चाहती है कि उनके दोनों हाथों में लड्डू रहे। नक्सली और आमजन भी कांग्रेस के खास बने रहें। प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को पहले ही सबक सिखा दिया है, और नक्सलियों का गुणगान करने वालों का समय अब बीत चुका है।”
अमित शाह के इस दौरे से पहले, राज्य की राजनीति में इस प्रकार के आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है, जिससे आने वाले दिनों में और भी तीखी राजनीतिक बयानबाजी की उम्मीद है। केंद्रीय गृहमंत्री का यह दौरा राज्य की आगामी चुनावी रणनीतियों के मद्देनजर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।









