Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

बीएड प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों ने निकाली एनसीटीई की शव यात्रा, समायोजन की मांग को लेकर गूंजे नारे

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं


रायपुर।

बीएड प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों द्वारा समायोजन की मांग को लेकर एक अनोखा प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में शिक्षकों ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की शव यात्रा निकाली, जो तुता धरना स्थल से शुरू होकर तुता के शमशान घाट तक गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने “NCTE मुर्दाबाद” और “समायोजन दो” जैसे नारे लगाए।

प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना था कि अगर NCTE ने गलत नियम नहीं बनाए होते, तो उन्हें आज यह दिन नहीं देखना पड़ता। NCTE वह संस्था है जो पूरे देश में शिक्षकों की अर्हता का निर्धारण करती है। 2018 में बनाए गए नियमों के तहत बीएड प्रशिक्षित व्यक्तियों को प्राथमिक शिक्षक बनने के योग्य माना गया था, और इसी आधार पर पूरे देश में भर्ती की गई थी। लेकिन, डेढ़ साल की सेवा के बाद, इन्हें सरकारी नौकरी से निकाल दिया गया।

शिक्षकों की आपबीती:

शिक्षकों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा, “हमारा पूरा परिवार सड़क पर आ गया है। इस भर्ती में 70% अनुसूचित जनजाति के लोग शामिल थे। वे बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे थे, जहां से निकलकर उन्होंने यह नौकरी पाई थी। अब सरकार और NCTE के नियमों के चलते उनकी नौकरी चली गई है।”

यह सभी शिक्षक बीते 23 दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, ताकि उनका समायोजन हो सके और उनकी नौकरी फिर से बहाल हो।


[pdf_embed url=”https://omdarpan.com/wp-content/uploads/2025/01/03-jan-2025-se-09-jan-2025-varsh-20-omdarpna-10-.pdf”]

omdarpanprmot-01
previous arrow
next arrow