दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
‘प्रशासन शहर की ओर’ अभियान के तहत सुशासन सप्ताह मना रहे दुर्ग नगर पालिक निगम ने जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रविवार को आदित्य नगर जोन कार्यालय में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में आम नागरिकों का सैलाब उमड़ पड़ा। शिविर में कुल 117 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें पट्टा, सड़क, नाली निर्माण और पानी की समस्या प्रमुख रही।
शिविर का उद्घाटन महापौर अलका बाघमार, निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल और लोक कर्म विभाग प्रभारी देव नारायण चंद्राकर ने भारत माता, छत्तीसगढ़ महतारी और महात्मा गांधी के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया।
पट्टा और बुनियादी सुविधाओं की सबसे ज्यादा मांग
शिविर में आए आवेदनों का विश्लेषण करने पर पता चला कि नागरिक बुनियादी सुविधाओं को लेकर सबसे ज्यादा चिंतित हैं। कुल 117 आवेदनों में से 102 आवेदन केवल ‘मांग’ से संबंधित थे। इनमें पट्टा वितरण, नई सड़कों का निर्माण और नालियों की सफाई व निर्माण के मुद्दे प्रमुख थे। वहीं, 15 आवेदन ‘शिकायत’ श्रेणी के थे, जिनमें पानी आपूर्ति में बाधा और अवैध अतिक्रमण के मामले सामने आए। निगम प्रशासन ने इन सभी आवेदनों को त्वरित निराकरण के लिए संबंधित विभागों को मौके पर ही प्रेषित कर दिया।
ये जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
शिविर की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि निगम का पूरा अमला यहाँ मौजूद था। उद्घाटन अवसर पर एमआईसी सदस्य ज्ञानेश्वर ताम्रकर, काशीराम कोसरे, कुलेश्वर साहू उपस्थित रहे। वहीं पार्षदों में सावित्री साहू, रंजीता पाटिल, जितेंद्र कुमार, युवराज कुँजम, गुलशन साहू, अरुण सिंह, कमल देवांगन, सुरुचि उमरे, मनीष कोठारी और गुड्डू यादव ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
प्रशासनिक अधिकारियों में उपायुक्त मोहेंद्र साहू, कार्यपालन अभियंता सुश्री विनीता वर्मा, प्रकाशचंद थावनी, सहायक अभियंता गिरीश दीवान, संजय ठाकुर, स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता, उद्यान प्रभारी अधिकारी अनिल सिंह समेत निगम के अन्य अधिकारी-कर्मचारी अंत तक डटे रहे।
एक छत के नीचे सभी विभागों के स्टॉल
नागरिकों को भटकना न पड़े, इसके लिए शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), जिला स्वास्थ्य समिति, पशुधन विकास विभाग, विद्युत विभाग, पंजीयन काउंटर, ट्रेड लाइसेंस, पेंशन शाखा, संपत्ति शाखा, एकीकृत बाल विकास परियोजना, आयुष विभाग, श्रम विभाग, आधार कार्ड एवं आबकारी विभाग के स्टॉल लगाए गए थे। यहाँ राशन कार्ड, जन्म-मृत्यु और विवाह प्रमाण पत्र जैसी सेवाओं के प्रकरण भी स्वीकार किए गए।
स्वास्थ्य शिविर: 74 मरीजों का इलाज, मिली मुफ्त दवा
शिविर में मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना का भी लाभ नागरिकों को मिला। मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) के जरिए 74 मरीजों का सामान्य उपचार किया गया। इसके अलावा 18 मरीजों के लैब टेस्ट किए गए और 43 हितग्राहियों को मौके पर ही निशुल्क दवाइयाँ वितरित की गईं।
महापौर ने कहा- प्राथमिकता से होगा समाधान
शिविर के दौरान महापौर अलका बाघमार ने स्वयं हितग्राहियों के बीच जाकर उनसे चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने आयुक्त को समस्याओं के जल्द निराकरण के निर्देश दिए। महापौर ने कहा, “शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों को विभागीय प्राथमिकता के साथ निराकृत किया जाएगा। शासन की मंशा है कि जनसमस्याओं का समाधान एक ही स्थान पर हो और लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ सरलता से मिले।”










