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जशपुर के विकास के लिए 37 लाख की सौगात
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जनजातीय नायकों के सम्मान में ऐतिहासिक पहल
जशपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड स्थित ग्राम डोंडराही में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा प्रतिमा अनावरण किया। यह कार्यक्रम भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ। इस दौरान उन्होंने ऐतिहासिक घोषणा करते हुए इस स्थल का नाम ‘बिरसा मुंडा चौक’ रखने का ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने जनजातीय अस्मिता और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने स्पष्ट किया कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन न केवल जनजातीय समाज, बल्कि पूरे देश के लिए अन्याय और शोषण के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा है।
डोंडराही में गूंजा उलगुलान का नारा
मुख्यमंत्री साय ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का जो निर्णय लिया है, उससे जनजातीय नायकों के योगदान को वैश्विक पहचान मिली है।
उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ उलगुलान यानी क्रांति का जो बिगुल फूंका था, वह आज भी हमारी सांस्कृतिक और पारंपरिक रक्षा का आधार है। गौरतलब है कि जशपुर को जनजातीय संस्कृति का केंद्र बताते हुए मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के कार्यों की भी सराहना की।
बुनियादी ढांचे के लिए खुला खजाना
क्षेत्र के सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने कुल 37 लाख रुपये के निर्माण कार्यों की घोषणा की। इसमें बैगाटोली कर्मा में सामुदायिक भवन के लिए 15 लाख, कुदमुरा नांदो टोली में रंगमंच हेतु 8 लाख, कुदमुरा पतराटोली में सांस्कृतिक मंच के लिए 7 लाख और हनुमान मंदिर परिसर में मंच निर्माण हेतु 7 लाख रुपये की स्वीकृति शामिल है।
इन घोषणाओं से स्थानीय ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा गया। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जनजातीय क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मोदी की गारंटी और सुशासन का संकल्प
प्रदेश में सुशासन की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री साय ने बताया कि सरकार ने ढाई वर्षों के भीतर मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा कर लिया है।
उन्होंने आंकड़ों के हवाले से कहा कि 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों में से 10 लाख 60 हजार से अधिक पूर्ण हो चुके हैं। किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य और बकाया बोनस का भुगतान किया जा चुका है। इसके साथ ही, तेंदूपत्ता संग्रहण दर को 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा करने और चरण पादुका योजना को पुनः शुरू करने जैसे निर्णयों से वनांचल के लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है।
डिजिटल सेवाओं से सशक्त होंगी पंचायतें
प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 6,000 से अधिक पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू हो चुके हैं। अब ग्रामीणों को आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
साथ ही, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। कार्यक्रम में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री योगेश बापट, पद्मश्री जागेश्वर यादव, विधायक गोमती साय और रायमुनी भगत सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।









