जम्मू ।
बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए बहुप्रतीक्षित श्री अमरनाथ यात्रा 2026 का गुरुवार को विधिवत आगाज हुआ। जम्मू के भगवती नगर स्थित यात्री निवास बेस कैंप से जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तीर्थयात्रियों का काफिला बालटाल और पहलगाम बेस कैंप के लिए रवाना हुआ।
दो मार्गों से होगी चढ़ाई
प्रशासन ने यात्रियों के पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच और अन्य औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें निर्धारित वाहनों से गंतव्य की ओर भेजा। सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी निगरानी में पूरे काफिले की आवाजाही सुनिश्चित की गई। इस साल यह यात्रा 57 दिनों तक चलेगी। श्रद्धालु समुद्र तल से करीब 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा तक दो मार्गों से पहुंचेंगे। इनमें अनंतनाग जिले का पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले का 14 किलोमीटर लंबा, लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाला बालटाल मार्ग शामिल है।
रेलवे ने बढ़ाई चौकसी
यात्रा को लेकर जम्मू रेलवे डिवीजन ने भी विशेष इंतजाम किए हैं। रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त प्रबंध किए गए हैं। भीड़ प्रबंधन, टिकट जांच, सुरक्षा निगरानी और जरूरी सेवाओं को लेकर विशेष योजना लागू की गई है। जम्मू के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि अमरनाथ यात्रा देश के लिए अहम धार्मिक आयोजन है, जिसे देखते हुए रेलवे ने सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यात्री सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
चप्पे-चप्पे पर पहरा
श्रद्धालुओं के लिए रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थानों पर पेयजल, भोजन, विश्राम और सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रशासन ने यात्रा मार्ग के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की है। पूरे मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सहायता के लिए भी विशेष टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इस साल भी यात्रा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न होगी।









