भिलाई (ओमदर्पण न्यूज़)।
प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था ‘आरंभ’ की तृतीय सांगठनिक बैठक विगत दिनों भिलाई निवास स्थित इंडियन कॉफी हाउस के सभागार में संपन्न हुई। इस बैठक में साहित्यिक विचार-विमर्श के साथ ही संस्था की आगामी रूपरेखा तय की गई। निर्णय लिया गया कि आने वाले दिनों में संस्था द्वारा महाविद्यालयों में जाकर काव्यपाठ का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए रूपरेखा और कवियों के नामों की घोषणा भी की गई।
बैठक मुख्य संरक्षक कैलाश जैन बरमेचा और मुख्य सलाहकार आचार्य डॉ. महेशचंद्र शर्मा की उपस्थिति में हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नवें दशक के प्रगतिशील कवि शरद कोकास थे, जबकि अध्यक्षता देश के नामचीन कथाकार डॉ. परदेशीराम वर्मा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत में स्वागत उद्बोधन संस्था के अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने दिया।
लेखन के लिए दृष्टि और प्रतिबद्धता आवश्यक: डॉ. वर्मा
अध्यक्षीय आसंदी से बोलते हुए डॉ. परदेशीराम वर्मा ने कहा कि लेखन में दृष्टि और दिशा हमें प्रतिबद्धता से ही मिलती है। हमारे आसपास ही लेखन की भरपूर प्रेरणा और सामग्री मौजूद है, इसके लिए केवल एक पारखी दृष्टि चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि भिलाई में ‘आरंभ’ अपने उद्देश्यों के परिणाम तक पहुंचकर यशस्वी बने।
मुख्य अतिथि शरद कोकास ने ज्ञानवान मनुष्य का जिक्र करते हुए कहा कि ज्ञान ऐसी चीज है जिसका कोई अंत नहीं है। मनुष्य कितना भी प्रयास कर ले, पूर्ण ज्ञान प्राप्त नहीं कर सकता। वहीं, आचार्य डॉ. महेशचंद्र शर्मा ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क और अच्छी रचना का निवास होता है। मुख्य संरक्षक कैलाश जैन बरमेचा ने संस्था के मूल उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
नई नियुक्तियां और आजीवन सदस्यता
बैठक के दौरान विद्या गुप्ता ने एक मार्मिक कविता का पाठ किया। इस अवसर पर ‘आरंभ’ से जुड़े नए सदस्यों का सम्मान किया गया। ब्रजेश मल्लिक और राकेश गुप्ता ‘रुसिया’ ने संस्था की आजीवन सदस्यता ग्रहण की। संगठन को मजबूती देते हुए ब्रजेश मल्लिक को वरिष्ठ उपाध्यक्ष और जाविद हसन भाईजान को प्रवक्ता की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई।
कार्यक्रम का सफल संचालन महासचिव नुरूस्सबाह खान ‘सबा’ ने किया तथा अंत में आभार प्रदर्शन कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. रजनी नेलसन ने किया।
बैठक में मुख्य रूप से ब्रजेश मल्लिक, अनिता करडेकर, डॉ. अंजना श्रीवास्तव, दीप्ति श्रीवास्तव, विद्या गुप्ता, शानू मोहनन, शेफाली भट्टाचार्य, आलोक कुमार चंदा, प्रकाशचंद्र मण्डल, पल्लव चटर्जी, शुभेंदु बागची, शौकत इकबाल, डॉ. इकबाल खान ‘तन्हा’, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, जाविद हसन भाईजान, ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल, जसवंत मंडावी, डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’ और राकेश गुप्ता ‘रुसिया’ सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।







