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मैट्रिमोनियल साइट पर मर्चेंट नेवी अफसर बनकर युवती से 26.86 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

मैट्रिमोनियल साइट ठगी में 26.86 लाख की धोखाधड़ी

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मैट्रिमोनियल साइट ठगी में 26.86 लाख की धोखाधड़ी

  • कैंसर के नाम पर ऐंठे लाखों रुपए

  • लुकआउट नोटिस के आधार पर गिरफ्तारी

 

इंदौर। मैट्रिमोनियल वेबसाइटों के जरिए जीवनसाथी की तलाश कर रही युवतियों को अपने प्रेमजाल में फंसाकर लाखों की चपत लगाने वाले एक हाईप्रोफाइल ठग को इंदौर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को मर्चेंट नेवी का बड़ा अधिकारी बताकर इंदौर की एक युवती से करीब 26.86 लाख रुपये की ठगी कर चुका था। वारदात को अंजाम देने के बाद वह भारत छोड़कर रूस भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस की सक्रियता और समय पर जारी लुकआउट नोटिस के चलते उसे इमिग्रेशन चेक के दौरान ही दबोच लिया गया।

 

रूस जाने वाली फ्लाइट पकड़ने से पहले धराया 

पुलिस उपायुक्त (क्राईम ब्रांच) राजेश कुमार त्रिपाठी ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान जितेंद्र कुमार चोंकर उर्फ जीतू (29 वर्ष) के रूप में हुई है। आरोपी उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर इलाके का निवासी है। शातिर ठग जितेंद्र को 27 जून को दिल्ली एयरपोर्ट पर उस समय हिरासत में लिया गया, जब वह मॉस्को (रूस) जाने वाली फ्लाइट पकड़ने की तैयारी में था। इंदौर पुलिस द्वारा पहले ही आरोपी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया था, जिसके आधार पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे रोका और इंदौर क्राइम ब्रांच को सूचना दी।

इलाज के नाम पर रची ब्लड कैंसर की झूठी कहानी 

पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी जितेंद्र ने एक नामचीन वैवाहिक वेबसाइट पर फर्जी प्रोफाइल बनाई थी। खुद को मर्चेंट नेवी का रसूखदार अधिकारी बताकर उसने इंदौर की पीड़िता से संपर्क साधा और शादी का झांसा देकर उसका भरोसा जीत लिया। इसके बाद उसने सहानुभूति बटोरने के लिए खुद को ब्लड कैंसर होने की झूठी कहानी रची। आरोपी ने इलाज और अन्य आपातकालीन जरूरतों के नाम पर युवती से अलग-अलग किस्तों में कुल 26.86 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। जब युवती को धोखाधड़ी का अहसास हुआ, तब तक आरोपी फरार होने की योजना बना चुका था।

मॉस्को में सुपरवाइजर का काम कर चुका है आरोपी

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी जितेंद्र कुमार पूर्व में मॉस्को (रूस) में निर्माण श्रमिकों के लिए एक सुपरवाइजर के रूप में काम कर चुका है। इसी अनुभव के कारण उसके पास रूस का वैध वीजा था और वह ठगी की बड़ी रकम समेटकर दोबारा वहीं बसने की फिराक में था। इंदौर क्राइम ब्रांच ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि आरोपी ने इंदौर या प्रदेश की अन्य कितनी युवतियों को अपनी जालसाजी का शिकार बनाया है।

मैट्रिमोनियल साइट्स पर बरतें अत्यधिक सतर्कता

इस बड़ी कार्रवाई के बाद साइबर एक्सपर्ट्स और पुलिस प्रशासन ने आमजन, विशेषकर युवतियों से अपील की है कि वैवाहिक वेबसाइटों पर मिलने वाले अनजान व्यक्तियों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। पुलिस उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति शादी की बात शुरू होते ही बीमारी, कस्टम ड्यूटी या किसी अन्य बहाने से रुपयों की मांग करता है, तो वह ठगी का संकेत है। किसी भी प्रकार के वित्तीय लेनदेन से पहले संबंधित व्यक्ति के कार्यस्थल, पद और पारिवारिक पृष्ठभूमि की भौतिक जांच-पड़ताल करना अनिवार्य है।

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