लखनऊ।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 69000 शिक्षक भर्ती मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ सामान्य वर्ग के चयनित उम्मीदवारों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और उप्र बेसिक शिक्षा बोर्ड के सचिव सहित अन्य को नोटिस जारी करते हुए कहा कि मामले की अंतिम सुनवाई 23 सितंबर से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी।
इस निर्णय के बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ की भाजपा सरकार पर तीखा हमला किया। अखिलेश ने अपने एक्स पोस्ट पर लिखा, “भाजपा सरकार नौकरी देने वाली सरकार नहीं है। 69000 शिक्षक भर्ती मामले में उप्र सरकार दोहरा खेल खेल रही है।” उन्होंने कहा कि सरकार की यह चालबाज़ी अभ्यर्थियों के साथ धोखा है और इसे समझने की ज़रूरत है। उन्होंने भाजपा सरकार पर भ्रष्ट प्रक्रिया को अपनाकर भर्ती को जानबूझकर सुप्रीम कोर्ट में उलझाने और मामले को लंबे समय तक खींचने का आरोप लगाया।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा, “उप्र भाजपा सरकार का ऐसा आचरण घोर निंदनीय है। सरकार न तो सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ है और न ही किसी अन्य के साथ।”
कोर्ट की सुनवाई:
प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला व न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने याचिकाकर्ता रवि कुमार सक्सेना और 51 अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश जारी किए। पीठ ने संबंधित पक्षों के वकीलों से कहा कि वे अधिकतम सात पृष्ठों का संक्षिप्त लिखित ‘नोट’ दाखिल करें। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की अंतिम सुनवाई अगले महीने की जाएगी।









