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सपा अध्यक्ष ने भाजपा पर धर्म की आड़ में धन की राजनीति करने का आरोप लगाया और ‘ऑडिट-2’ रिपोर्ट जारी की।
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गोरखपुर में प्राथमिक स्कूलों के बंद होने पर उठाए सवाल, आगामी चुनाव में भाजपा को शून्य पर लाने का दिया लक्ष्य।
लखनऊ।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उपजे विवाद पर भारतीय जनता पार्टी के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने भाजपा पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल आस्था और धर्म की राजनीति का केवल दिखावा करता है, जबकि उसके लिए वास्तव में धन का महत्व सबसे अधिक है। बुधवार को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े किए। उन्होंने अयोध्या से लेकर गोरखपुर तक के ज्वलंत मुद्दों का जिक्र करते हुए पार्टी की ‘ऑडिट-2’ रिपोर्ट और ‘राम नगरी में गोरखधंधा’ शीर्षक वाली एक बुकलेट भी सार्वजनिक की।
सीसीटीवी फुटेज और डेटा पारदर्शिता पर उठाए सवाल
सपा अध्यक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद के साथ-साथ चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जहां भी सवाल खड़े होते हैं, वहां सीसीटीवी फुटेज को लेकर विवाद सामने आता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग सार्वजनिक की जाए, तो कई चौंकाने वाले तथ्यों का खुलासा हो सकता है। इसके अतिरिक्त, अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि जब समाजवादी पार्टी सरकारी योजनाओं का आंकड़ों के आधार पर ऑडिट करने का प्रयास करती है, तो कई महत्वपूर्ण सरकारी वेबसाइटें या तो बंद कर दी जाती हैं या फिर उन पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं होती। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह अपनी पारदर्शिता के दावों को सिद्ध करने के लिए सभी आंकड़े जनता के लिए सुलभ कराए।
अयोध्या में भूमि अधिग्रहण और व्यापारियों का असंतोष
अयोध्या के विकास कार्यों की चर्चा करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों की समस्याओं को पूरी तरह दरकिनार किया गया। उन्होंने दावा किया कि प्रभावित लोग अपनी शिकायतें लेकर समाजवादी पार्टी के पास पहुंचे हैं क्योंकि सरकार के पास उनकी बात सुनने के लिए कोई मंच उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर लोगों के हितों की बलि दी जा रही है।
गोरखपुर में बुनियादी शिक्षा की बदहाली का आरोप
मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि वहां बेसिक शिक्षा की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। भाजपा के दस वर्षों के शासनकाल में बड़ी संख्या में प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एक ओर विश्वविद्यालय स्थापित कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गांवों और गरीब तबकों के बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा की नींव कमजोर की जा रही है। उन्होंने प्राथमिक विद्यालयों को वंचितों और पिछड़ों के लिए शिक्षा की पहली सीढ़ी बताते हुए सरकार पर इस व्यवस्था को ध्वस्त करने का आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने घोषणा की कि समाजवादी पार्टी का संगठन गोरखपुर में जनता की समस्याओं को लेकर सक्रिय है और आगामी चुनावों में भाजपा को वहां राजनीतिक रूप से शून्य पर पहुंचाने के लक्ष्य के साथ काम कर रहा है।









