

अंबिकापुर (पंकज शुक्ला)।
शराब पीने के लिए पैसे देने से मना करने पर एक युवक के घर में नकाबपोश बदमाशों द्वारा तोड़फोड़ और मारपीट किए जाने के मामले में सरगुजा पुलिस ने चंद घंटों में सख्त कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना के बाद आरोपियों को पूरे शहर में फ्लैग मार्च कराकर हाथ जोड़े खड़ा किया गया, जिससे अपराधियों में खौफ का माहौल बना।
प्रार्थी सतीश बारी, उम्र 32 वर्ष, निवासी चांदनी चौक, अंबिकापुर ने 3 नवंबर 2024 को कोतवाली थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थी ने बताया कि मायापुर निवासी गणेश उर्फ गोलू स्वीप्ट डिजायर कार से उसके पास आया और शराब पीने के लिए जबरन पैसे की मांग करने लगा। जब सतीश ने पैसे देने से मना कर दिया, तो गणेश ने गाली-गलौज करते हुए धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। इसी बीच आस-पास के मोहल्ले के लोगों ने गणेश को वहां से हटाया और सतीश मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंचा।
रिपोर्ट दर्ज कराते ही सतीश की बहन ने उसे फोन पर सूचना दी कि गणेश उर्फ गोलू ने अपने अन्य साथियों और कई लड़कों को प्रार्थी के घर बुला लिया है। वे सभी लोग लाठी-डंडे लेकर घर के पास खड़े थे और घर को आग लगाने की धमकी दे रहे थे। उन्होंने खिड़की और दरवाजे पर ईंट-डंडों से हमला कर दिया, जिससे दरवाजे का पल्ला और खिड़की का कांच टूट गया। इस दौरान गणेश के भाई ने सतीश को फोन पर जान से मारने की धमकी भी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सरगुजा के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की।
पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया और प्रार्थी द्वारा पेश किए गए डंडे, दरवाजे का टूटा पल्ला और खिड़की का टूटा कांच बरामद किया। इसके बाद घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, जिसमें आरोपी गणेश उर्फ गोलू, रितेश पाण्डेय और प्रभु साहु की पहचान हुई। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। घटना में शामिल अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस कार्यवाही में थाना प्रभारी मनीष सिंह परिहार, उप निरीक्षक वंश नारायण शर्मा, सहायक उप निरीक्षक देवनारायण यादव, प्रधान आरक्षक शत्रुधन सिंह, प्रधान आरक्षक छत्रपाल सिंह, प्रधान आरक्षक अमित सिंह और आरक्षक चंचलेश सोनवानी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सरगुजा पुलिस की सख्त कार्रवाई से क्षेत्र में अपराधियों के बीच खौफ का माहौल बना हुआ है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में लगातार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, जिससे अपराध पर लगाम लगाने की कोशिश की जा रही है।






