दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
“क्या आपको मालूम है कि संसार में सबसे दुर्लभ चीजें क्या हैं? एक संत का समागम और भगवान की कृपा। यही संदेश दिया भागवत महापुराण कथा के उद्घाटन अवसर पर चित्रकूट धाम से आए श्रद्धेय अमित कृष्ण शास्त्री महाराज ने।”
15 दिसंबर को शिव राम मंदिर, वार्ड 12 में भागवत महापुराण कथा का आयोजन हुआ, जिसमें धार्मिक प्रेमियों का समागम हुआ। इस कथा से पहले भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
कथा का शुभारंभ श्री अमित कृष्ण शास्त्री महाराज ने किया, जो चित्रकूट धाम से आए थे। उन्होंने अपनी अमृतमयी वाणी से श्रद्धालुओं को कथा में डुबोते हुए रासपंच अध्याय एवं अन्य भागवत प्रसंगों का विस्तृत वर्णन किया। श्रद्धेय महाराज ने श्री भागवत पुराण की महिमा पर प्रकाश डालते हुए इसे हिंदू धर्म के 18 पुराणों में से सबसे श्रेष्ठ बताया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल धर्म की नहीं, बल्कि जीवन के उद्देश्य की भी सही दिशा बताती है।
महाराज जी ने अपने प्रवचन में यह भी बताया कि दो चीजें संसार में दुर्लभ हैं— एक संत का समागम और भगवान की कृपा। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि भागवत कथा से जीव भयमुक्त हो जाता है।
भागवत महापुराण कथा का आयोजन मां शारदा समिति के पदाधिकारियों मंजू चौहान, श्रुति ग्रेवाल, गरिमा धनवानी, और गीता शुक्ला की मेहनत से हुआ। इस पावन आयोजन में समाज के प्रमुख लोग भी शामिल हुए, जिनमें कुंवर सिंह चौहान, रामपाल नाविक, देवेंद्र पांडे, और नमन चौहान प्रमुख रूप से उपस्थित थे।







