सरगुजा।
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने और फसल उत्पादकता बढ़ाने के लिए लगातार मिशन मोड में काम कर रही है। कृषि विभाग की आत्मा (ATMA) योजना के तहत किसानों को उन्नत किस्म के बीज, तकनीकी मार्गदर्शन और वैज्ञानिक खेती की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। इसी कड़ी में सरगुजा जिले के किसानों को मूंग की उन्नत किस्म जीएएम-5 (GAM-5) का निःशुल्क बीज उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की पहल की गई है।
एटीएम और बीटीएम का मिला फील्ड पर साथ
जिले के किसान को आत्मा योजना के तहत कृषि तकनीकी प्रबंधक (एटीएम) एवं ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक (बीटीएम) द्वारा न केवल उन्नत बीज दिए गए, बल्कि खेत में जाकर बुवाई की तकनीक भी समझाई गई। कृषि विशेषज्ञों के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में किसान ने अपने खेत में पंक्तिबद्ध (लाइन सोइंग) पद्धति से बुवाई संपन्न की। इस दौरान विभाग द्वारा खेत की तैयारी, बीज उपचार, उचित दूरी पर बुवाई तथा फसल प्रबंधन की वैज्ञानिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई, जिससे किसान बेहद उत्साहित हैं।
लाइन सोइंग से रोगों पर लगेगी लगाम
लाभार्थी किसान ने साझा किया कि परंपरागत बुवाई की तुलना में लाइन सोइंग पद्धति काफी लाभकारी है। इससे पौधों का समान विकास सुनिश्चित होता है और खरपतवार नियंत्रण में आसानी रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस पद्धति से पौधों को पर्याप्त धूप और वायु मिलती है, जिससे कीट एवं रोगों का प्रकोप कम होने की प्रबल संभावना रहती है। मूंग एक कम अवधि की दलहनी फसल है, जो कम लागत में बेहतर आय देने की क्षमता रखती है। विभागीय अधिकारियों के सतत प्रोत्साहन से अब अन्य किसान भी इस मॉडल को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।









