रायपुर।
भारतीय जनता पार्टी के महासदस्यता अभियान में युवा नेता बसंत अग्रवाल ने अभूतपूर्व योगदान दिया है। उन्होंने अकेले लगभग 13000 नए सदस्यों को पार्टी की विचारधारा से जोड़कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। उनके इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘सदस्यता रत्न’ सम्मान से नवाजा गया। शनिवार को मुख्यमंत्री निवास, अटल नगर में आयोजित ‘उत्कृष्ट सदस्यता सम्मान 2024-25’ समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान कर उनके कार्यों की सराहना की।
ऐतिहासिक लक्ष्य की प्राप्ति
यह भव्य कार्यक्रम छत्तीसगढ़ में भाजपा द्वारा 60 लाख नए सदस्य बनाने के ऐतिहासिक लक्ष्य को प्राप्त करने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इस अभियान की शुरुआत 3 सितंबर 2024 को प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पहली सदस्यता दिलाकर की थी। इसके बाद पूरे प्रदेश में चले इस अभियान में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मिलकर यह विशाल लक्ष्य हासिल किया।
बसंत का असाधारण योगदान
बसंत अग्रवाल ने अपने अथक प्रयासों और जमीनी सक्रियता से लगभग 13000 लोगों को भाजपा की सदस्यता दिलाई। गौरतलब है कि इतने बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने की जवाबदारी प्रदेश के सांसदों और मंत्रीगणों को दी गई थी, जिसे युवा बसंत अग्रवाल ने अपने दम पर हासिल कर दिखाया। क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जम्वाल, प्रदेश संगठन मंत्री पवन साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश के सभी भाजपा नेताओं ने उनके इस कार्य की जमकर प्रशंसा की।
गौरवपूर्ण क्षण
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हाथों सम्मान प्राप्त करना बसंत अग्रवाल के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण था। सम्मानित होने के बाद बसंत अग्रवाल ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “यह सम्मान मेरा व्यक्तिगत नहीं, बल्कि उन सभी देवतुल्य कार्यकर्ताओं का है जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर पार्टी की विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के नव-निर्माण के लिए हम सभी प्रतिबद्ध हैं। पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी, उसे पूरा करने का प्रयास किया है और आगे भी पार्टी के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करता रहूँगा।”
इस कार्यक्रम में अभियान में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अन्य विधायकों, सांसदों, जिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी ‘सदस्यता भूषण’ और ‘सदस्यता रत्न’ जैसे सम्मानों से सम्मानित किया गया।









