शहादत को नमन: बेमेतरा में 600 स्कूली बच्चों ने निकाली 'वीर बाल रैली', चार साहिबज़ादों और माता गुजरी के त्याग को किया याद
OM Darpan
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छत्तीसगढ़ सिख समाज का भव्य आयोजन; भारत माता चौक से गुरु रामदास लाइब्रेरी तक गूंजे 'बोले सो निहाल' के जयकारे
बेमेतरा।
धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के चार साहिबज़ादों और माता गुजरी जी की अद्वितीय शहादत को नमन करने के लिए शहर में भव्य 'वीर बाल रैली' का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ सिख समाज द्वारा आयोजित इस रैली में आस्था, उत्साह और देशभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला।
इन गणमान्य नागरिकों ने दिखाई हरी झंडी
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा रैली को हरी झंडी दिखाकर की गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सिख समाज के जिला अध्यक्ष हरदीप सिंह राजा छाबड़ा, वरिष्ठ समाजसेवक बलवंत सिंह गुंबर, वरिष्ठ इंदर सिंह दत्ता, गुरु गोविंद सिंह स्टडी सर्कल के जिला अध्यक्ष हरजीत सिंह खनूजा, धर्म प्रचार कमेटी के सदस्य जगजीत सिंह पप्पू, अजमानी प्रीतम हुरा, गुरप्रीत कौर, शैली छाबड़ा, अनीस सलूजा, शासकीय कन्या शाला स्कूल की प्रधान पाठिका कविता मैडम, नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा, रायपुर प्रभारी भाजपा संगठन राजेंद्र शर्मा, पार्षद गौरव साहू, पार्षद रोशन दत्ता एवं पार्षद विकास तंबोली विशेष रूप से उपस्थित रहे।
600 से अधिक छात्रों ने भरा उत्साह
रैली का शुभारंभ शासकीय कन्या शाला स्कूल, भारत माता चौक से हुआ। यहाँ से निकलकर रैली गुरु गोविंद सिंह चौक होते हुए गुरु रामदास लाइब्रेरी के पास संपन्न हुई। इस विशाल रैली में विभिन्न स्कूलों के 600 से अधिक छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता निभाई। बच्चों के हाथों में तख्तियां और जुबां पर वीर साहिबज़ादों के बलिदान की गाथा थी।
नैतिक मूल्यों और राष्ट्रभक्ति का संदेश
आयोजकों और अतिथियों ने कहा कि यह आयोजन मात्र एक रैली तक सीमित नहीं था, बल्कि यह चार साहिबज़ादों और माता गुजरी जी के सर्वोच्च बलिदान को जन-जन तक पहुँचाने का एक सशक्त प्रयास था। रैली के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक साहस, त्याग, धर्म और राष्ट्रभक्ति का संदेश पहुँचाया गया। वक्ताओं ने जोर देते हुए कहा कि 'वीर बाल दिवस' हमें बच्चों में नैतिक मूल्यों, साहस और देशभक्ति की भावना जागृत करने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समूह साध संगत, सिख समाज के गणमान्य नागरिकों और बच्चों की उपस्थिति ने आयोजन को सफल और प्रेरणादायी बना दिया। अंत में, छत्तीसगढ़ सिख समाज ने सभी सहयोगियों, सहभागियों और प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रेरक आयोजन निरंतर करने का संकल्प लिया।
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