बिलासपुर।
भाजपा नेता और ट्रांसपोर्टर नरेंद्र कौशिक ने मंगलवार को जहर खाकर आत्महत्या कर ली। उनके आत्महत्या के बाद सुसाइड नोट सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपने मुंशी और दो अन्य लोगों पर 70 लाख रुपये का कोयला बेचकर गबन करने और दो वाहन चोरी करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने इंसाफ की मांग की है। अब इस मामले की जांच मुंगेली जिले की सरगांव पुलिस कर रही है।
सुसाइड नोट में आरोप
तिफरा क्षेत्र के परसदा में रहने वाले भाजपा नेता और ट्रांसपोर्टर नरेंद्र कौशिक ने मंगलवार को सरगांव में जहर सेवन किया। इस घटना से पहले उन्होंने अपने बड़े भाई को अलग-अलग पन्नों में लिखे सुसाइड नोट भेजे थे। सुसाइड नोट मिलते ही उनके स्वजन सरगांव पहुंचे और वहां पर नरेंद्र को बदहवास हालत में पाया। स्वजन उन्हें तत्काल अपोलो अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने बुधवार को शव का पोस्टमॉर्टम कराया, और मामले की जांच शुरू की।
पुलिस और भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप
नरेंद्र के सुसाइड नोट में उन्होंने अपने मुंशी राजेश कोडवानी, देवेंद्र उपवेजा, सूरज प्रधान और संजय भट्ट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने उनके 70 लाख रुपये का कोयला बेच दिया और फिर फरार हो गए। साथ ही, नरेंद्र ने पुलिस से अपने दो वाहनों की चोरी की शिकायत की थी, लेकिन उन्हें पुलिस से कोई मदद नहीं मिली। उन्होंने सुसाइड नोट में पुलिस पर सहयोग न करने का भी आरोप लगाया।
भाजपा नेताओं से मदद की अपील
नरेंद्र ने अपने सुसाइड नोट में यह भी उल्लेख किया कि भाजपा नेताओं से भी मदद मांगी थी, लेकिन कोई भी उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया। उन्होंने वाहन परिवार को वापस दिलाने और इंसाफ दिलाने की भी मांग की है।
जांच जारी
इस पूरे मामले की जांच अब सरगांव पुलिस द्वारा की जा रही है। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है।







