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दुर्ग में महिलाओं और बच्चियों के लिए आयोजित शौर्य प्रशिक्षण शिविर, आत्मरक्षा का मिला विशेष ज्ञान

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  • महिला स्वसहायता समूहों के नेतृत्व में तीन दिवसीय शिविर का सफल आयोजन

दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।

 महिलाओं, युवतियों, और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अत्याचार को देखते हुए “परिवर्तन महिला स्वसहायता समूह” ने पांच अन्य महिला समूहों के सहयोग से तीन दिवसीय शौर्य प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया। यह शिविर 12 से 14 सितंबर तक महाराणा प्रताप मंगल भवन, शंकर नगर, दुर्ग में आयोजित किया गया।

शिविर का उद्घाटन डॉ. मानसी गुलाटी द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। उद्घाटन के दौरान, डॉ. गुलाटी ने उपस्थित महिलाओं एवं बच्चियों को आत्मरक्षा के महत्व की जानकारी दी और उन्हें शिविर में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने के लिए प्रेरित किया। शिविर के पहले दिन से ही महिलाओं और युवतियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, और पिछले दिनों में सैकड़ों महिलाओं, युवतियों और बच्चियों ने आत्मरक्षा के गुर सीखे।

इस प्रशिक्षण में पारंपरिक युद्धकला जैसे तलवार और डंडा संचालन के साथ अन्य आत्मरक्षा के उपाय सिखाए गए। भागीदारी के लिए केवल बीस रुपये का सहयोग रखा गया था, जिससे सभी वर्ग की महिलाएं आत्मरक्षा की कला सीखने में सक्षम रहीं। शिविर का आयोजन राजपूत क्षत्रिय महासभा छत्तीसगढ़ द्वारा निःशुल्क प्रदान किया गया था।

आयोजन के अंतिम दिन, महासभा के अध्यक्ष ठाकुर बजरंग सिंह बैस, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश सिंह राजपूत, महासचिव विष्णु सिंह बघेल, और अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पृथ्वी राज चौहान, आशीष राजपूत और आलोक कसार ने किया। पूरे प्रशिक्षण सत्र का समापन सूर्या राजपूत द्वारा प्रदत्त मोमेंटो के वितरण के साथ हुआ, जिसमें डॉ. मानसी गुलाटी और महासभा के केंद्रीय पदाधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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