रायपुर।
आज छत्तीसगढ़ की पंचायतों को एक अभूतपूर्व ताकत मिली है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में महानदी भवन मंत्रालय में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें कई ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिए गए, जो ग्रामीणों की जिंदगी बदल देंगे। अब ग्रामीणों को अविवादित नामांतरण और बंटवारे जैसे राजस्व मामलों के लिए तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ये काम अब गांव की चौखट पर ही, ग्राम पंचायत में हो सकेंगे।
गांव में ही राजस्व विवाद का निपटारा
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायतें अब अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले अविवादित राजस्व मामलों को निपटाएंगी। यह एक क्रांतिकारी कदम है जिससे न सिर्फ ग्रामीणों का समय और पैसा बचेगा, बल्कि शासन-प्रशासन और जनता के बीच की दूरी भी कम होगी। उन्होंने सभी जिलों को इस नई व्यवस्था को तुरंत और प्रभावी ढंग से लागू करने और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह और सचिव श्री भीम सिंह सहित विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।
डिजिटल हुआ ग्राम संपदा, अब कोई छिपा नहीं सकेगा
बैठक में ‘ग्राम संपदा ऐप’ की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई, यह ऐप पंचायतों की परिसंपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड रखता है। उपमुख्यमंत्री ने ऐप को तत्काल अपडेट करने, इसमें आ रही तकनीकी समस्याओं को शीघ्र दूर करने और सभी जिलों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए। इसका मुख्य उद्देश्य पंचायतों की संपत्तियों में पूरी पारदर्शिता लाना है।
डिजिटल क्रांति: गांव में ही मिलेगी नकद निकासी की सुविधा
ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने और ग्रामीणों को सुविधा प्रदान करने के लिए ‘अटल डिजिटल सुविधा केंद्र’ की कार्यप्रणाली पर भी विशेष मंथन हुआ। श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों में ही नकद निकासी की सुविधा सुनिश्चित की जाए। यह लाभार्थियों के लिए एक बड़ी राहत होगी, जिन्हें अब अपनी पेंशन या सरकारी योजनाओं के पैसे निकालने के लिए दूरस्थ बैंकों तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। शेष बची पंचायतों में भी ये केंद्र जल्द खोले जाएंगे।
कर्मवीर पंचायत जनप्रतिनिधियों को मिलेगा सम्मान
बैठक में आगामी राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर ‘छत्तीसगढ़ कर्मवीर पंचायत जनप्रतिनिधि पुरस्कार’ की शुरुआत किए जाने पर भी चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री ने इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और मापदंड तय करने के निर्देश दिए, ताकि जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों को उचित सम्मान मिल सके और वे और अधिक प्रेरणा के साथ कार्य कर सकें।
बस्तर से शुरू होगी ‘हमर छत्तीसगढ़’ योजना की नई उड़ान
इसके अलावा, बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के पूर्व और पश्चात् प्रदेश में आकर बसे परिवारों की पृथक पंजी व्यवस्था, और पंचायतों के अधिकार क्षेत्र में संचालित विभिन्न विभागीय योजनाओं जैसे कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने घोषणा की कि ‘हमर छत्तीसगढ़ योजना’ की शुरुआत बस्तर संभाग के जनप्रतिनिधियों को राजधानी रायपुर बुलाकर दो से तीन दिवसीय प्रशिक्षण से की जाएगी, जिससे उन्हें प्रदेश की विकास यात्रा में सक्रिय रूप से जोड़ा जा सके।






