लोड हो रहा है... | --:--:-- --
लोड हो रहा है... | --:--:-- --
Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

CG Voter List: रायपुर–बलौदाबाजार में मतदाता सूची से 5 लाख नाम कटे

Chhattisgarh Voter List SIR Campaign

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

 


रायपुर | 

छत्तीसगढ़ में चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने की कवायद ने प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद शुरू हुए इस अभियान के पहले चरण में रायपुर और बलौदाबाजार समेत 8 विधानसभा क्षेत्रों से 5 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।

आयोग का तर्क है कि ये नाम फर्जी, डुप्लिकेट या शिफ्टेड थे, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस कार्यवाही पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “निर्वाचन आयोग और भाजपा का गठबंधन” करार दिया है।

रायपुर में सबसे बड़ी ‘सफाई’, 23% नाम हटाए गए आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, SIR अभियान का सबसे ज्यादा असर राजधानी रायपुर में हुआ है। यहाँ पंजीकृत लगभग 22 लाख मतदाताओं में से करीब 23 प्रतिशत नामों पर कार्रवाई की गई है। रायपुर की सात विधानसभा क्षेत्रों में कुल 5,11,136 नाम हटाए गए हैं।

आंकड़ों में देखिए क्यों कटे नाम:

  • 3,87,330: मतदाता अपना निवास स्थान बदल चुके हैं (शिफ्टेड)।

  • 23,180: मतदाता लंबे समय से अनुपस्थित हैं या अनट्रेसेबल हैं।

  • 14,311: नाम अन्य स्थानों पर भी दर्ज थे (डुप्लिकेट)।

  • 2,313: नाम नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती आबादी, माइग्रेशन और अस्थायी निवास के चलते यह आंकड़ा इतना बड़ा है। पहले चरण में रायपुर, धमतरी और बिलासपुर पर विशेष फोकस किया गया था।

सियासी घमासान: भूपेश बघेल का आयोग पर सीधा हमला

लाखों नाम कटने की खबर के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “देश में कई तरह के राजनीतिक गठबंधन देखने को मिलते हैं, लेकिन मेरे मन में निर्वाचन आयोग और भाजपा के गठबंधन को लेकर सवाल हैं।”

बघेल ने पूछा कि मतदाता सूची से हटाए गए लोगों में कितने रोहिंग्या हैं और कितने बांग्लादेशी? उन्होंने मांग की है कि नाम काटने का आधार स्पष्ट होना चाहिए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए ताकि जनता को सही जानकारी मिल सके।

आयोग की सफाई: कोई भी पात्र वोटर नहीं छूटेगा

विपक्ष के आरोपों पर चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR अभियान पूरी तरह नियमों के दायरे में है। आयोग ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी वास्तविक और पात्र मतदाता को मताधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा।

  • राहत: जिनके नाम गलती से कटे हैं, वे 31 दिसंबर तक दावा-आपत्ति के तहत दस्तावेज जमा कर नाम जुड़वा सकते हैं।

  • पारदर्शिता: ड्राफ्ट और फाइनल सूची आयोग की वेबसाइट पर अपलोड होगी और राजनीतिक दलों को भी दी जाएगी।

  • अपील: ERO के फैसले के खिलाफ जिला मजिस्ट्रेट और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास अपील का विकल्प मौजूद है।

यह अभियान अभी केवल पहला चरण है। आने वाले दिनों में राज्य के अन्य जिलों में भी इसी तरह का पुनरीक्षण किया जाएगा।

omdarpanprmot-01
previous arrow
next arrow