Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

डबल इंजन सरकार में विकास की पटरी पर दौड़ रहा छत्तीसगढ़: CM साय

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

 

रायपुर।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने रेल मंत्रालय की ₹24,634 करोड़ की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इसमें ₹2,223 करोड़ लागत की गोंदिया–डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन परियोजना भी शामिल है, जिससे प्रदेश के पश्चिमी अंचल के औद्योगिक और व्यापारिक विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है।

डबल इंजन सरकार का विजन

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दूरदर्शी नेतृत्व ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार कर रहा है। ‘डबल इंजन सरकार’ के समर्पित प्रयासों से छत्तीसगढ़ विकास की पटरी पर तेज़ी से अग्रसर है। उन्होंने यह भी बताया कि यह निर्णय केवल छत्तीसगढ़ के विकास में ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मध्य भारत की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा देगा।

आधुनिक रेल नेटवर्क

मुख्यमंत्री साय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश का रेल नेटवर्क आधुनिकता, गति और जनसुविधा के नए युग में प्रवेश कर चुका है। छत्तीसगढ़ को इस दिशा में जो निरंतर सहयोग मिल रहा है, वह राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विस्तार का सशक्त आधार बनेगा। यह 84 किलोमीटर लंबी परियोजना राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) और गोंदिया (महाराष्ट्र) जिलों से होकर गुजरेगी, जिसे पांच वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है।

परियोजना की विस्तृत रूपरेखा

इस परियोजना के तहत 15 प्रमुख पुल, 123 लघु पुल, 1 सुरंग, 3 रोड ओवर ब्रिज (ROB) और 22 रोड अंडर ब्रिज (RUB) का निर्माण किया जाएगा। आकांक्षी जिला राजनांदगांव में यह पहल यात्रियों के आवागमन को सुलभ बनाएगी और स्थानीय व्यापार-निवेश को नई दिशा देगी। यह रेल मार्ग क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकते हुए छत्तीसगढ़ के औद्योगिक परिदृश्य को मजबूती प्रदान करेगा।

आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ

परियोजना पूर्ण होने पर प्रतिवर्ष लगभग 30.6 मिलियन टन अतिरिक्त माल यातायात संभव होगा, जिससे रेलवे की आमदनी बढ़ेगी। राज्य की औद्योगिक इकाइयों को कच्चे माल व तैयार उत्पादों के परिवहन में बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही, अनुमानतः 23 करोड़ किलोग्राम CO₂ उत्सर्जन में कमी, 4.6 करोड़ लीटर डीज़ल की बचत और लगभग ₹514 करोड़ की लॉजिस्टिक लागत में कमी का लाभ मिलेगा। यह पहल हर वर्ष लगभग 1 करोड़ पेड़ों के बराबर कार्बन उत्सर्जन कम करेगी, जो सतत विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।

खनिज परिवहन को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई रेल लाइन से रायगढ़ मांड, कोरबा और इब घाटी की खदानों से कोयला परिवहन की गति बढ़ेगी। इससे महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के थर्मल पावर प्लांट्स को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे प्रदेश की खनिज अर्थव्यवस्था और लॉजिस्टिक तंत्र दोनों को स्थायित्व मिलेगा। उन्होंने कहा कि गोंदिया–डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन परियोजना छत्तीसगढ़ के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा, औद्योगिक प्रगति और पर्यावरणीय संतुलन का सशक्त आधार प्रदान करेगी, और ‘विजन विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।

omdarpanprmot-01
previous arrow
next arrow