-
दिल्ली के कर्तव्य भवन में हुई अहम बैठक
-
औषधीय संपदा का हवाला देकर मांगा संस्थान
-
मध्य भारत के मरीजों को मिलेगा बड़ा लाभ
नई दिल्ली।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ आयुर्वेद केंद्र बनाने की दिशा में राज्य को आयुर्वेद चिकित्सा और अनुसंधान का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की वकालत की। कर्तव्य भवन में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में ‘अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान‘ (AIIA) की स्थापना का पुरजोर आग्रह किया।
जड़ी-बूटियों का गढ़ बनेगा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गृह मंत्री को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों और दुर्लभ औषधीय वनस्पतियों से समृद्ध है। उन्होंने तर्क दिया कि वनाच्छादित क्षेत्रों में मौजूद पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने के लिए AIIA की स्थापना अनिवार्य है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर शोध को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि जनजातीय अंचलों की समृद्ध विरासत को वैश्विक पहचान मिलेगी। गौरतलब है कि दिल्ली और गोवा के तर्ज पर यहां भी उत्कृष्ट केंद्र बनाने की योजना है।
बजट 2026 की घोषणा पर टिकी उम्मीदें
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्रीय बजट 2026 में प्रस्तावित तीन नए आयुर्वेद संस्थानों का जिक्र करते हुए एक संस्थान छत्तीसगढ़ को आवंटित करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संस्थान का लाभ केवल प्रदेश ही नहीं, बल्कि समूचे मध्य भारत को मिलेगा। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की मौजूदगी में हुई इस चर्चा में बस्तर के विकास और नक्सल मोर्चे पर जारी कार्यों की प्रगति भी साझा की गई। गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के प्रयासों की सराहना करते हुए केंद्र की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
आयुर्वेद और अनुसंधान से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए आयुष मंत्रालय और PIB की जानकारी भी देखी जा सकती है।









