पीएम मोदी के सुशासन और नेतृत्व के 25 वर्ष पूर्ण होने पर छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने पारित किया ऐतिहासिक अभिनंदन प्रस्ताव
OM Darpan
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में निरंतर 25 वर्ष पूर्ण होने पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया। मुख्यमंत्री ने इसे राष्ट्र प्रथम, जनसेवा और गरीब कल्याण को समर्पित एक असाधारण कर्मयात्रा बताया। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के जरिए विकसित भारत 2047 के निर्माण में राज्य पूरी शक्ति से अपना योगदान देगा। इसके साथ ही कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में मौका देने और आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलने जैसे कई अहम फैसले लिए।
नक्सलवाद का अंत और बस्तर में लौटी शांति
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से 31 मार्च 2026 को प्रदेश को दशकों पुरानी नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिली है। प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप बस्तर में अब शांति और विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है। नक्सल उन्मूलन के लिए केंद्र से 2,080 करोड़ रुपये की विशेष सहायता मिली है और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य व कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है।
निवेश और रोजगार के खुले नए द्वार
गुजरात मॉडल से प्रेरणा लेते हुए राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत अनुमतियों को सरल बनाया गया है। राज्य को 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे 1.60 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
गरीब कल्याण और कृषि क्षेत्र में रिकॉर्ड
प्रदेश में आवास निर्माण की गति पूरे देश में सबसे तेज है। राज्य में 73 लाख परिवारों के करीब 1.99 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन और 68 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ दिया जा रहा है। किसानों के हित में धान का उपार्जन भी 141 लाख मीट्रिक टन के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच गया है।
बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी का विस्तार
प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए 35,766 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। सिक्स-लेन रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे और 54 हजार करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इसके अलावा ऊर्जा क्षेत्र में रायगढ़ के लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट की क्षमता 4,800 मेगावाट कर दी गई है।
पूर्व अग्निवीरों को आरक्षक भर्ती में सीधा मौका
कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पूर्व अग्निवीरों के लिए गृह विभाग में आरक्षक के 36 रिक्त पदों पर भर्ती को मंजूरी दी है। पूर्व अग्निवीरों के अनुभव और अनुशासन का लाभ लेने के लिए राज्य शासन द्वारा इन पदों पर 10 प्रतिशत श्रेणीवार आरक्षण का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है।
अब कहलाएगा जनजातीय कार्य विभाग
मंत्रिपरिषद ने 'आदिम जाति विकास विभाग' का नाम बदलकर 'जनजातीय कार्य विभाग' करने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगा दी है। सरकार का लक्ष्य सुदूर अंचलों तक जनजातीय विकास योजनाओं जैसे पीएम जनमन और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान को प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
सहकारी संघवाद से मिला नया संबल
केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 42 प्रतिशत किए जाने से छत्तीसगढ़ को अभूतपूर्व वित्तीय मजबूती मिली है। पिछले 12 वर्षों में राज्य को 3 लाख 46 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई है, जो पिछली सरकारों की तुलना में कई गुना अधिक है।
जरूरी खबरें
विज्ञापन